आरोप. कांग्रेस ने कहा, केंद्र किसानों का नहीं कर रहा ऋण माफ
बक्सर : देश में जीएसटी लागू करने में भाजपा की नीयत साफ नहीं है. भाजपा ने जीएसटी लागू करने से पूर्व कोई भी कर नीति स्पष्ट नहीं की थी. इससे व्यवसायियों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. यदि यही स्थिति रही, तो आनेवाले समय में व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो जायेगा. उक्त बातें कांग्रेस के पूर्व एमएलसी अजय सिंह ने नगर के निजी सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान कहीं. इस दौरान उन्हें भाजपा की ओर से किसानों, नौजवानों व सैनिकों के साथ हो रहे छलावा को भी उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में देश विकास के पथ पर लगातार पीछे होते जा रहा है. इसके साथ ही पीएम मोदी की विदेश नीति पर भी जमकर प्रहार किया. इस दौरान पूर्व एमएलसी ने श्वेत पत्र भी जारी किया.
व्यवसायी हो रहे परेशान : प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व एमएलसी अजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने आनन-फानन में जीएसटी लागू कर दिया. जीएसटी लागू होते ही उसके नियमों में बदलाव करना शुरू कर दिया. इससे केंद्र में स्थित भाजपा सरकार की नियत ठीक नहीं है. साथ ही कहा जीएसटी लागू होते ही पीएम मोदी अपनी पीठ-थपथपाते हुए कह रही है कि जीएसटी लागू होते ही एक लाख फैक्टरियों को बंद कर दिया गया. साथ ही तीन लाख फैक्टरियों पर कार्रवाई की गयी. इससे साफ हो रहा है कि मोदी सरकार छोटे व्यवसायियों के पक्ष में नहीं है, बल्कि बड़े व्यवसायियों को मुनाफा पहुंचा रहे हैं.
किसानों का नहीं माफ हुआ ऋण
पूर्व एमएलसी अजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ऋण माफी नहीं की. वहीं, चंद पूंजीपति मित्रों का करीब एक लाख 54 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया. दाल के आयात नीति के माध्यम से बिचौलियों को 15 हजार करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया है. पीएम मोदी के तीन साल के कार्यकाल में देश की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है. चुनावी घोषणा में पीएम मोदी ने दो करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा की थी,
लेकिन अभी तक महज दो लाख बेरोजगारों को ही रोजगार मिल पाया है. वहीं, केंद्र सरकार की विदेश नीति हर क्षेत्र में पूरी तरह से विफल हो रही है. देश की जनता भूखे मर रही है. देश के पीएम हर माह विदेश की यात्रा कर रहे हैं. बाॅर्डर में सैनिकों पर लगातार हमले हो रहे हैं. इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष तथागत हर्षवर्धन, पूर्व विधायक श्रीकांत पाठक, अनिरुद्ध पांडेय, अनिल त्रिवेदी, कामेश्वर पांडेय, मनोज पांडेय मौजूद थे.
