बूढी गंडक के कटाव में मिला विशेष किस्म का कुआं, पुरातत्व विभाग पता कर रहा अब ये सब कुछ…

इसका जुड़ाव गुप्त या मौर्यकालीन समय से हो सकता है. इसकी प्रमाणिकता पुरातत्व सर्वेक्षण के बाद ही स्पष्ट हो पायेगी.

शशिचन्द्र तिवारी
मधुबन(पूचं): प्रखंड की रूपनी पंचायत के नन्हकार गांव स्थित बूढ़ी गंडक नदी में पानी घटने के साथ हुए कटाव से कुआंनुमा आकृति देख ग्रामीण हैरान हैं. पहले गांव की महिलाएं व बच्चों ने देखा. वह घरेलू काम के लिए मिट्टी लाने गये थे.  मिट्टी काटने के दौरान कुआं की आकृति देखकर गांव में सूचना दी.  आकृति की ईंट भी विशेष प्रकार की है. एक ई‍ंट की लंबाई करीब दो फुट व चौड़ाई 4 इंच के करीब है. नदी की तरफ से उसका एक हिस्सा केवल दिखाई दे रहा है. शेष हिस्सा अभी भी मिट्टी के अंदर दबा हुआ है.

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई ऐतिहासिक स्थान है.  इसका जुड़ाव गुप्त या मौर्यकालीन समय से हो सकता है. इसकी प्रमाणिकता पुरातत्व सर्वेक्षण के बाद ही स्पष्ट हो पायेगी. मुखिया शिवदुलारी देवी के पति श्यामबाबू यादव ने बताया कि उनके गांव के किसी व्यक्ति का घर यहां पर नहीं था. यह स्थान नदी के अंदर का है. यह वास्तव में अचरज भरा निर्माण है. कुआंनुमा आकृति के अंदर मिट्टी के कलश जैसी वस्तु देखी जा रही है. कुआं की ईंट का प्रकार विशेष किस्म का है. मुखियापति ने प्रशासन से इसकी जांच कराने की मांग की है.जानकारी मिली है.

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कोट-

इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी जायेगी. पुरातत्व विभाग  द्वारा जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कुआंनुमा आकृति किस काल खंड की है. फिलहाल सीओ मधुबन को मामले की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है. नलिन प्रताप राणा, एसडीओ.

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