बिहार में अब यूरिया की कालाबाजारी पड़ेगी महंगी, पकड़े जाने पर होगी एफआइआर

लगातार छापेमारी और निरीक्षणों के बाद भी राज्य में खाद की कालाबाजारी बंद नहीं होने से सरकार नाराज है. अधिकारियों को इस नियंत्रण पाने के लिए और कड़े कदम उठाने के आदेश दिये हैं.

पटना. लगातार छापेमारी और निरीक्षणों के बाद भी राज्य में खाद की कालाबाजारी बंद नहीं होने से सरकार नाराज है. अधिकारियों को इस नियंत्रण पाने के लिए और कड़े कदम उठाने के आदेश दिये हैं.

सभी जिलों के कृषि पदाधिकारी अब लगातार अभियान चलाकर कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायेंगे. विभागीय स्तर पर लगातार शिकायतें आ रही हैं कि यूरिया निर्धारित कीमत पर नहीं दिया जा रहा है. जांच में पाया गया है कि निर्धारित रेट से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है.

यूपी और झारखंड की सीमा से लगे जिलों में इसकी कालाबाजारी अधिक हो रही है. कृषि सचिव ने जिला कृषि पदाधिकारियों से इस संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंस की है.

हर सप्ताह होगी टास्क फोर्स की बैठक

उन्होंने कहा है कि यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचे जाने की शिकायत प्राप्त हो रही हैं. सभी जिला कृषि पदाधिकारी अपने जिलों में यूरिया की बिक्री निर्धारित दर पर कराना सुनिश्चित करें. दोषी डीलर और दुकानदारों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर उनका लाइसेंस भी रद्द कर दें.

जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में होगी बैठक

किसानों और उनसे जुड़ी समस्याओं को सुलझाने तथा जिला स्तर पर लंबित विभिन्न योजनाओं की प्रगति के लिए हर सात दिन में टॉस्क फोर्स की बैठक करने के आदेश दिये गये हैं. यह बैठक जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित होगी. जिला कृषि पदाधिकारी को जिम्मेदारी दी गयी है कि वह समय से इसका आयोजन कराकर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें.

खगड़िया, लखीसराय के अफसरों पर होगी कार्रवाई

जैविक कॉरिडोर याेजना में चयनित सभी समूहों का निबंधन करा कर उनका ब्योरा आॅनलाइन ( ट्रेसनेट) करने को कहा है. बसोका से सी प्रमाण पत्र जारी कराने के प्रयास भी तेज होंगे. सचिव ने इस बात पर चिंता जतायी जैविक कॉरिडोर योजनान्तर्गत खगड़िया एवं लखीसराय ने बेहतर काम नहीं किया है.

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat khabar news desk

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