Prashant Kishor: प्रशांत किशोर ने हाल ही में बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की हार को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में युवाओं के विरोध प्रदर्शन का कोई बड़ा असर नहीं था, बल्कि बीजेपी अपने स्थानीय कारणों से हारी है.
पीके ने कहा कि अगर हार की सबसे बड़ी वजह स्थानीय नेतृत्व है. पहले लोग लालू यादव के डर से बीजेपी को वोट देते थे, लेकिन इस बार जनता को जन सुराज के रूप में एक मजबूत विकल्प मिल गया.
बीजेपी का पलटवार
प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद बीजेपी पूरी तरह हमलावर हो गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने पीके पर निशाना साधते हुए उन्हें प्रखर कुटिल महोदय करार दिया. अजय आलोक ने कहा कि प्रशांत किशोर को बीजेपी की काम करने की शैली और लोकतंत्र के सिस्टम को ठीक से समझना चाहिए.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह कांग्रेस का दौर नहीं है, जहां मुख्यमंत्री की मर्जी से कोई चुनाव हारता या जीतता है. बीजेपी एक लोकतांत्रिक विचारों वाली पार्टी है और यहां ऐसा नहीं होता.
बिहार की चिंता छोड़ कांग्रेस के लिए काम करें पीके- अजय
अजय आलोक ने आगे कहा कि प्रशांत किशोर कांग्रेस का समर्थन करते हैं. पीके को बिहार की चिंता करने का नाटक छोड़ देना चाहिए और कांग्रेस के लिए काम करना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि प्रशांत किशोर पहले तेलंगाना और कर्नाटक में राजनीति चमकाने गए थे और अब बिहार के पीछे पड़े हैं. पीके सिर्फ अपनी सहूलियत के हिसाब से बयानबाजी कर रहे हैं.
2030 में बांकीपुर से फिर लड़ें चुनाव
बीजेपी ने प्रशांत किशोर को चुनावी मैदान में दोबारा उतरने की खुली चुनौती दी है. अजय आलोक ने कहा कि बांकीपुर और बिहार की राजनीति में पीके की दिलचस्पी सिर्फ एक चुनाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए. अगर उन्हें अपनी लोकप्रियता और जन सुराज के जनाधार पर इतना ही भरोसा है, तो वे ऐलान करें कि 2030 के बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर से फिर किस्मत आजमाएंगे.
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मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों को बताया बेबुनियाद
अजय आलोक ने प्रशांत किशोर के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सम्राट चौधरी को हार की वजह बताया था. उन्होंने कहा कि बीजेपी में कोई भी मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को हराने की साजिश नहीं रचता. अगर सम्राट चौधरी चाहते तो बीजेपी का खाता एक भी बूथ पर नहीं खुलता, लेकिन बीजेपी में इस तरह का घटिया राजनीतिक कल्चर नहीं है.
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