सखी प्रेरणा दिवस पर सम्मानित हुईं महिला उद्यमी

बिहारशरीफ में नालंदा कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर के प्राचार्य डॉ. प्रो. रणधीर कुमार ने कहा कि महिलाएं सामाजिक और आर्थिक बदलाव की आधारशिला हैं. खेती का अधिकांश काम महिलाएं ही करती आई हैं, लेकिन अब वे अपनी पहचान बना रही हैं और खेती से जुड़े निर्णय स्वयं ले रही हैं.

बिहारशरीफ में नालंदा कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर के प्राचार्य डॉ. प्रो. रणधीर कुमार ने कहा कि महिलाएं सामाजिक और आर्थिक बदलाव की आधारशिला हैं. खेती का अधिकांश काम महिलाएं ही करती आई हैं, लेकिन अब वे अपनी पहचान बना रही हैं और खेती से जुड़े निर्णय स्वयं ले रही हैं. यह बातें उन्होंने “सखी प्रेरणा दिवस 2026 ” कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं, जिसे स्वयंसेवी संस्था “स्वयं शिक्षण प्रयोग ” ने आयोजित किया था. कार्यक्रम में लगभग 200 महिला उद्यमी शामिल हुईं, जो स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु अनुकूलन खेती से जुड़ी हैं. इस अवसर पर नालंदा और गया जिलों की छह महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रतिभा कुमारी, पूनम कुमारी, बबिता कुमारी, पवंती देवी, पनिका कुमारी और लालवंती कुमारी शामिल हैं. कार्यशाला में महिला आधारित जलवायु अनुकूलन खेती के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए नाट्य प्रस्तुति भी दी गई. संस्था के कार्यक्रम पदाधिकारी गौतम कुमार ने बताया कि महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद जलवायु पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, और इससे महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिल रही है. इस कार्यक्रम में “सखी ” पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें 40 सफल महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियां शामिल हैं. संस्था देशभर में कार्य कर रही है और बिहार के 10 जिलों में 400 महिला उद्यमियों के साथ काम कर रही है.

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Published by: Santosh kumar singh

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