Traffic Challan National Lok Adalat : बिहारशरीफ में ट्रैफिक चालान से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे के लिए 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी. इसे लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह न्यायाधीश राजेश कुमार गौरव की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ बैठक हुई. बैठक में एमवीआई प्रमोद कुमार राम और ट्रैफिक एसएचओ सुशील कुमार राहुल शामिल हुए.
पक्षकारों के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन शुरू
राष्ट्रीय लोक अदालत में भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए पक्षकारों के प्री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सचिव ने एमवीआई और ट्रैफिक डीएसपी कार्यालय में आने वाले पक्षकारों का रजिस्ट्रेशन करने और उन्हें मामले के निपटारे की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने का निर्देश दिया है.
ट्रैफिक चालान पर मिलेगा 50% छूट का लाभ
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के निपटारे पर वाहन मालिकों को चालान की राशि में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलने की बात कही गई है. ऐसे में लंबित चालान मामलों वाले वाहन मालिक राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अपने मामलों का निपटारा करा सकते हैं.
93 हजार से अधिक मामले हैं लंबित
अधिकारियों के अनुसार 12 मार्च 2021 से अब तक एमवीआई और ट्रैफिक चालान से जुड़े कुल 93 हजार से अधिक मामले लंबित हैं. इनमें एमवीआई से संबंधित 16,427 मामले हैं, जबकि ट्रैफिक चालान के 76,671 मामले लंबित बताए गए हैं.
भीड़ की समस्या से निपटने पर जोर
बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बड़ी संख्या में पक्षकारों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था बेहतर रखने पर जोर दिया गया. सचिव ने अधिकारियों को प्री-रजिस्ट्रेशन के साथ पक्षकारों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने का निर्देश दिया, ताकि लोक अदालत के दिन अनावश्यक भीड़ और परेशानी से बचा जा सके.
बचे मामलों के लिए स्थायी लोक अदालत का विकल्प
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के बाद बचे हुए मामलों के निपटारे के लिए स्थायी लोक अदालत के तहत रजिस्ट्रेशन कराने पर भी विचार किया जा रहा है. इसका उद्देश्य लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है.
पक्षकारों से निपटारा कराने की अपील
सचिव राजेश कुमार गौरव ने एमवीआई और ट्रैफिक चालान से जुड़े सभी पक्षकारों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों का निपटारा कराएं और उपलब्ध छूट का लाभ उठाएं. न्यायिक बेंच के लिए स्थान निर्धारित करने की प्रक्रिया भी जारी है.
Also Read : कभी राष्ट्रपति भवन की शोभा बढ़ाते थे नालंदा के हैंडलूम पर्दे, अब अपने ही जिले में बाजार की है तलाश
