राजगीर. राजकीय मलमास मेला को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक यातायात प्रबंधन योजना लागू की है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए 15 मई से 15 जून तक राजगीर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में नया ट्रैफिक प्लान प्रभावी रहेगा. प्रशासन का उद्देश्य मेला अवधि में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन उपलब्ध कराना है. डीपीआरओ के अनुसार गत वर्षों की तुलना में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि व्यवसायिक एवं छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं. कई प्रमुख मार्गों पर रहेगा वाहन प्रतिबंध : नई व्यवस्था के तहत वनगंगा से राजगीर शहर की ओर सभी प्रकार के व्यवसायिक वाहनों जैसे ट्रक, ट्रैक्टर और पिकअप के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी. वहीं हसनपुर आरओबी से वनगंगा तक आने-जाने वाले मार्ग में छोटे और बड़े दोनों वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा. हरियाली से कलाली मोड़ तथा हरियाली से ब्रह्मकुंड और कलाली मोड़ से ब्रह्मकुंड तक जाने वाले सभी मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित मार्गों से जुड़े लिंक रोड पर भी किसी प्रकार के वाहन का प्रवेश नहीं होगा. व्यवसायिक वाहनों के लिए तय हुए वैकल्पिक मार्ग : बिहारशरीफ से राजगीर होकर गया और नवादा जाने वाले व्यवसायिक वाहनों को अब बख्तियारपुर-रजौली एनएच मार्ग से होकर गुजरना होगा. गया जिले के सरबहदा और खुदागंज सीमा से आने वाले वाहनों को इस्लामपुर मार्ग से डायवर्ट किया गया है. वहीं गिरियक मोड़ से राजगीर आने वाले भारी वाहन भी अब शहर में प्रवेश नहीं करेंगे. गया, हिसुआ और नवादा से आने वाली छोटी गाड़ियों के लिए नारदीगंज, पकड़िया और खराट मोड़ होते हुए बिहारशरीफ-पटना मार्ग निर्धारित किया गया है. शहर में बनाये गये 34 बैरियर और ड्रॉप गेट : भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में 34 बैरियर और ड्रॉप गेट बनाया है. इनमें ब्रह्मकुंड, वीरायतन मोड़, सोन भंडार मोड़, कलाली मोड़, झूला मोड़, पांडुपोखर, वनगंगा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, छबिलापुर मोड़ और हसनपुर ओवरब्रिज समेत कई महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं. इन बैरियरों पर पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों की तैनाती की जायेगी, ताकि वाहनों का नियंत्रित परिचालन सुनिश्चित हो सके. श्रद्धालुओं के लिए बनाये गये पार्किंग स्थल : मेला अवधि में पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने कई अस्थायी और स्थायी पार्किंग स्थल चिन्हित किया है. इनमें पीएचईडी कैंपस, विश्वशांति स्तूप पार्किंग, किला मैदान, आरडीएच हाई स्कूल मैदान, पीटीजेएम कॉलेज, हॉकी मैदान, सोन भंडार, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गौरक्षणी, आयुध फैक्ट्री के पास खुला मैदान और मेयार बाइपास प्रमुख हैं. ऑटो, इ-रिक्शा और टमटम के लिए अलग रूट : शहर में जाम की स्थिति से बचने के लिए ऑटो, ई रिक्शा और टांगा के परिचालन हेतु अलग-अलग रूट निर्धारित किये गये हैं. रेलवे स्टेशन से छबिलापुर, हरियाली मोड़ और नगर परिषद मोड़ तक चलने वाले मार्ग को लाल कोड दिया गया है, जबकि वनगंगा से जरादेवी मंदिर मार्ग को पीला कोड निर्धारित किया गया है. टमटम का परिचालन केवल जरा देवी मंदिर, शांति स्तूप और वनगंगा मार्ग तक सीमित रहेगा. ब्रह्मकुंड और वैतरणी क्षेत्र रहेगा नो व्हीकल जोन : प्रशासन ने ब्रह्मकुंड और वैतरणी क्षेत्र को पूर्णतः नो व्हीकल जोन घोषित दिया है. इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. श्रद्धालुओं को पैदल ही आवागमन करना होगा. ब्रह्मकुंड में प्रवेश के लिए वीरायतन मोड़ से जिग-जैग मार्ग तय किया गया है, जबकि निकास के लिए काशी कुंड और लक्ष्मी नारायण मंदिर होते हुए अलग रास्ता निर्धारित किया गया है. वैतरणी घाट में प्रवेश और निकास के लिए भी अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं, ताकि भीड़ नियंत्रण सुचारू रूप से किया जा सके. प्रशासन को दिए गए आवश्यक निर्देश : प्रखंड विकास पदाधिकारी राजगीर एवं सिलाव के साथ संबंधित नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी पार्किंग स्थल, बैरियर और ड्रॉप गेट पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराया जाये. प्रशासन ने कहा है कि मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
राजगीर में 15 जून तक ट्रैफिक व्यवस्था बदली, भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए 15 मई से 15 जून तक राजगीर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में नया ट्रैफिक प्लान प्रभावी रहेगा.
