बिहारशरीफ. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा की गई घोषणाओं के कार्यान्वयन को लेकर नालंदा जिले में नई योजनाओं की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 18 नई योजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से कई को कैबिनेट की मंजूरी भी प्राप्त हो चुकी है. इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जिले में पर्यटन, धार्मिक स्थलों और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी. पंचाने सिंचाई योजना का जीर्णोद्धार- इस परियोजना से 4000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की सिंचाई संभव होगी. जिससे किसानों को काफी लाभ मिलेगा. कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना- सरमेरा में 3 करोड़ रुपये की लागत से एक नया कृषि अनुसंधान केंद्र खुलेगा, जो किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से अवगत कराएगा. हिलसा पूर्वी बाईपास पथ निर्माण – 276 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस बाईपास से ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी और लगभग 70 हजार लोगों को लाभ मिलेगा. बरगइनिया पईन का जीर्णोद्धार – 9.72 करोड़ रुपये की लागत से 12 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और जलजमाव की समस्या दूर होगी. सोहसराय हॉल्ट पर आरओबी-सह-रोटरी निर्माण- 212.64 करोड़ रुपये की इस योजना से 20 हजार लोगों को यातायात की समस्या से राहत मिलेगी. लोकाईन नदी पर तटबंध निर्माण- 662.79 लाख रुपये की लागत से बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध बनाया जाएगा, जिससे 65 हजार लोगों को सुरक्षा मिलेगी. बिहारशरीफ-एतवारी बाजार से उपरौरा मोड़ पथ चौड़ीकरण – 30.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से 5000 वाहन और 1 लाख लोग प्रतिदिन लाभान्वित होंगे. बिहारशरीफ-एतवारी बाजार से उपरौरा मोड़ पथ चौड़ीकरण – 30.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से 5000 वाहन और 1 लाख लोग प्रतिदिन लाभान्वित होंगे. राजगीर में ब्रह्मकुंड परिसर का विकास- 50 करोड़ रुपये की लागत से इस धार्मिक स्थल का पुनर्विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. डायनासोर पार्क एवं अन्य पर्यटन स्थलों का विकास -38.24 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पर्यटन स्थलों का विस्तार किया जाएगा. नए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों का निर्माण छह प्रखंडों में नए प्रशासनिक भवन बनाए जाएंगे, जिससे सरकारी कार्य सुगमता से हो सकेंगे. पंचाने नदी के कोसुक घाट का रिवर फ्रंट के रूप में विकास- इस परियोजना के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा. इन योजनाओं के पूर्ण होने से नालंदा जिले के नागरिकों को सड़क, सिंचाई, प्रशासनिक सेवाओं और पर्यटन सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.
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