बिहारशरीफ. सदर अस्पताल के लिपिक पंकज कुमार द्वारा वेतन मद में अवैध बड़ी राशि की निकासी के मामले उजागर होने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों के बैंक स्टेटमेंट की गहराई से जांच की जायेगी. इस दौरान जो भी कर्मी जांचोपरांत दोषी पाये जायेंगे, उनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जायेगी. विभागीय जानकारी के अनुसार लिपिक पंकज कुमार की नियुक्ति वर्ष 2018 में राजगीर मे अनुकंपा पर की गयी थी. यही से अवैध निकासी की जो शुरूआत हुई, वह सदर अस्पताल में भी चलता रहा. सीएस डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने हालांकि इस अवैध निकासी के मामले को खुद पकड़ा है. अबतक की सामने आयी गड़बड़ी की मानें तो मार्च 2022 से फरवरी 2023 तक 61600, मार्च 2023 से फरवरी 2024 तक 166100 एवं मार्च 2024 से जनवरी 2025 तक 682836 रूपये की अवैध निकासी की बात कही जा रही है. इधर, एचआरएमएस पोर्टल से निकाली गयी तीन साल की रिपोर्ट की मानें तो मार्च 2022 से फरवरी 2023 तक हरेक माह अन्य भत्ता के नाम पर 5-5 हजार रूपये की राशि निकासी गयी है. इसी प्रकार 2023 के मार्च, अप्रैल एवं जून में 6600 रूपये की निकासी की गयी है. अवैध निकासी का यह सिलसिला सदर अस्पताल में आने के बाद भी लिपिक पंकज कुमार द्वारा चलता रहा. लेकिन सीएस ने जब इसकी जांच की तो अवैध निकासी की परत दर परत खुलती चली गयी. इधर, जांच का दायरा बढ़ाये जाने के बाद इसके घेरे में कई कर्मियों पर गाज गिर सकती है जिससे ऐसे कर्मियों के रातों की नींद एवं सुबह का चैन गायब होता दिख रहा है.
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