Sheikhpura News : (रंजीत कुमार) अरियरी प्रखंड के बिसहिया गांव की महिला सफाईकर्मी मुन्नी देवी हत्याकांड का रहस्य घटना के 22 दिन बाद भी बरकरार है. पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की है, लेकिन अब तक मामले का खुलासा नहीं हो सका है. इससे मृतका के परिजनों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
12 मई को खेत में मिला था लहूलुहान शव
बताया जाता है कि 12 मई को अरियरी थाना क्षेत्र के भोजडीह और जखोर बधार की सीमा पर 50 वर्षीय मुन्नी देवी का खून से लथपथ शव बरामद किया गया था. मृतका बिसहिया गांव निवासी विनोद पासवान की पत्नी थीं और पंचायत के स्वच्छता अभियान में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत थीं. अपराधियों ने सिर कुचलकर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी.
दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका, परिजनों ने उठाए सवाल
घटना के बाद परिजनों ने महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच शुरू की, लेकिन अब तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है.
12 संदिग्धों से पूछताछ, फिर भी नहीं मिला सुराग
पुलिस ने मामले में आसपास के करीब 12 संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है. हालांकि पूछताछ के बावजूद जांच टीम को कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है. यही वजह है कि हत्याकांड अब भी एक बड़ी पहेली बना हुआ है.
एसआईटी गठित, आधुनिक तकनीक से जांच जारी
मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक बलिराम चौधरी ने एसडीपीओ राकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. पुलिस आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए भी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.
जनप्रतिनिधियों ने की थी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद जमुई सांसद अरुण भारती, शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी, लोजपा जिलाध्यक्ष इमाम गजाली और सीपीआई जिला मंत्री प्रभात कुमार पांडेय सहित कई जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की थी.
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस को उम्मीद
अरियरी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट मिलने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है. उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल तीन अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश होने की उम्मीद है.
परिजनों की गुहार जल्द मिले इंसाफ
घटना के तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है. परिवार का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके.
