अशोक साव हैं मूल रूप से नालंदा के मथुरिया मोहल्ले के निवासी
पटना के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस ने अहम सफलता हासिल करते हुए अशोक साव को गिरफ्तार कर लिया है.
By AMLESH PRASAD | Updated at :
बिहारशरीफ. पटना के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस ने अहम सफलता हासिल करते हुए अशोक साव को गिरफ्तार कर लिया है. अशोक साव की गिरफ्तारी पटना स्थित उदयगिरी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 601 से हुई है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. अशोक साव मूल रूप से बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मथुरिया मोहल्ला के निवासी हैं. करीब 20 से 25 साल पहले उन्होंने अपने पैतृक घर को छोड़ दिया था और पटना में स्थायी रूप से बस गये. वे लोहे के कारोबारी रहे हैं और एक समय बिहारशरीफ में व्यापार करते थे.
तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं अशोक साव : अशोक साव तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं. उनके छोटे भाई अजय साव और मेम साव बिहारशरीफ में ही रहते हैं. भाइयों के बीच संपत्ति का बंटवारा अब तक नहीं हुआ है. अशोक साव की पत्नी की मृत्यु 28 वर्ष पहले ब्रेस्ट कैंसर से हो चुकी है. उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं. परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, अशोक साव का न तो भाइयों से कोई संपर्क है, न ही वे पिछले कई वर्षों से बिहारशरीफ आये हैं. पड़ोसियों और बुजुर्गों ने भी हत्याकांड में उनका नाम आने पर हैरानी जतायी है. उनके भाई इस मामले पर ऑन कैमरा कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं.
संपत्ति विवाद और पूर्व मामला : सूत्रों के मुताबिक, अशोक साव की पारिवारिक संपत्ति अरबों की बतायी जा रही है. इसमें कोल्ड स्टोरेज, दुकानों, मकानों और सैकड़ों बीघा खेतों की हिस्सेदारी है. चूंकि संपत्ति का बंटवारा नहीं हुआ, इस कारण किराये की राशि कोर्ट के ट्रेजरी में जमा हो रही है. गौरतलब है कि अशोक साव पर पहले भी 2007 में एक केस दर्ज हुआ था. उस वक्त के बिहारशरीफ सीओ ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए लहेरी थाने में मामला दर्ज कराया था. इस मामले में वे चार्जशीटेड हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है