राष्ट्रीय लोक मोर्चा का तीन दिवसीय विमर्श शिविर शनिवार को राजगीर में संपन्न हो गया. इस शिविर में संगठन के विस्तार, आगामी राजनीतिक रणनीति, सामाजिक न्याय, शिक्षा सुधार और समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर गहन विमर्श किया गया.
पटना का नाम 'पाटलिपुत्र' करने का प्रस्ताव
समापन सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से पटना का नाम बदलकर 'पाटलिपुत्र' किए जाने की मांग प्रमुख रही. पार्टी ने इस प्रस्ताव को ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है.
पार्टी नेताओं द्वारा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी
शिविर के बाद पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और विधायक आलोक कुमार सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए तीन दिनों के विमर्श के प्रमुख निष्कर्षों और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी. नेताओं ने बताया कि यह शिविर संगठन को नई दिशा और कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ है.
शिक्षा सुधार और सामाजिक न्याय पर जोर
मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि शिविर में सांगठनिक मजबूती के साथ शिक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई है, और युवाओं से जुड़े विषयों व सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को गांव तथा पंचायत स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है. पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में हर पंचायत और बूथ तक पहुंचकर जनता की समस्याओं को उठाएगी.
गठबंधन और सांगठनिक मजबूती पर बयान
विधायक आलोक कुमार सिंह ने जदयू और एनडीए गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं को भ्रामक करार देते हुए स्पष्ट किया कि रालोमो पूरी मजबूती के साथ एनडीए गठबंधन के साथ है. शिविर के निर्णयों के आधार पर पार्टी अब संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ राज्यव्यापी अभियान चलाएगी.
