राजगीर में नशे के खिलाफ जागरूकता और संकल्प का संदेश गुरुवार को राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी से सामने आया. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, राजगीर सेवा केंद्र के तत्वावधान में बिहार पुलिस अकादमी परिसर में ‘10 करोड़ नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत नशामुक्ति प्रतिज्ञा कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बीपीए के करीब 1600 प्रशिक्षु दरोगा और डीएसपी शामिल हुए. इस दौरान प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों ने खुद नशे से दूर रहने के साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया.
नशे के खिलाफ जनभागीदारी पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने कहा कि ‘10 करोड़ नशामुक्त भारत अभियान’ भारत सरकार के अभियान, एनसीबी के मिशन स्पंदन और ‘मेरा भारत’ पहल के उद्देश्यों को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने वाला राष्ट्रीय जनआंदोलन है. उन्होंने बताया कि यह अभियान ब्रह्माकुमारी संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका परम आदरणीय राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति को समर्पित है.
उन्होंने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नहीं पड़ता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है. ऐसे में नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस अधिकारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. पुलिस अधिकारी समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच काम करते हैं, इसलिए उनके माध्यम से नशामुक्ति का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है.
मेडिटेशन से आत्मबल मजबूत करने का संदेश
ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए व्यक्ति के भीतर आत्मबल और सकारात्मक सोच का मजबूत होना जरूरी है. मेडिटेशन आत्मबल, आत्मसम्मान और सकारात्मक सोच को मजबूत करने में मदद करता है. इससे व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए आंतरिक शक्ति मिलती है.
कार्यक्रम के दौरान बीके अनुपमा बहन ने प्रशिक्षु अधिकारियों को मेडिटेशन कराया. उन्होंने ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक चिंतन के महत्व को समझाया. प्रशिक्षु अधिकारियों ने मेडिटेशन के जरिए मन को शांत रखने और सकारात्मक सोच विकसित करने का अभ्यास किया.
प्रशिक्षु अधिकारियों ने ली नशामुक्ति की शपथ
इसके बाद बीके ज्योति बहन ने उपस्थित प्रशिक्षु दरोगा और डीएसपी को नशामुक्ति महाअभियान की प्रतिज्ञा दिलाई. प्रशिक्षु अधिकारियों ने नशे से खुद दूर रहने और समाज में भी नशामुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम में अमित भाई समेत ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे. इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों और उससे परिवार तथा समाज को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया.
पुलिस अकादमी से समाज तक पहुंचेगा संदेश
आयोजकों ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है. इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. खासकर युवाओं और पुलिस अधिकारियों की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है.
बिहार पुलिस अकादमी जैसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम से प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने की उम्मीद जताई गई. आयोजकों का कहना है कि प्रशिक्षु अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
