Nalanda News: (दिलीप कुमार की रिपोर्ट) बिहार शरीफ के सिलाव से मानव तस्करी और आर्केस्ट्रा की आड़ में लड़कियों से जबरन काम कराने का बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने गुरुवार को संयुक्त छापेमारी कर तीन नाबालिग और एक बालिग लड़की को छुड़ाया. इस कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. आरक्षी उपाधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि एडीजी (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित जैन और पुलिस अधीक्षक नालंदा के निर्देश पर एएचटीयू टीम, सिलाव थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम ने “एसोसिएशन फॉर वॉलेंट्री एक्शन” के सहयोग से सिलाव बाजार वार्ड संख्या-6 स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी की.
आर्केस्ट्रा में डांस करने के लिए मजबूर किया जाता था
पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान दो अलग-अलग आर्केस्ट्रा ग्रुप से जुड़ी तीन नाबालिग और एक बालिग पीड़िता को मुक्त कराया गया. इन लड़कियों को मानव तस्करी के जरिए लाया गया था और उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित करते हुए आर्केस्ट्रा में डांस करने के लिए मजबूर किया जाता था. रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस ने तीन आर्केस्ट्रा संचालकों और एक महिला संचालिका को गिरफ्तार किया.
चार आरोपी हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में रौशनी कुमारी (30 वर्ष), अनुप कुमार बंसल (24 वर्ष), पवन कुमार और धीरज प्रकाश शामिल हैं. सभी के खिलाफ मानव तस्करी, बंधक बनाकर रखने और जबरन काम कराने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिलाव बायपास के आसपास करीब एक दर्जन किराये के मकानों में दूसरे राज्यों की लड़कियां रह रही हैं. लंबे समय से आर्केस्ट्रा की आड़ में देह व्यापार संचालित होने की चर्चाएं होती रही हैं. लोगों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी. इस छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है और यह भी जांच कर रही है कि मानव तस्करी का यह गिरोह किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है.
इस अभियान में एएचटीयू प्रभारी लालमुनी दुबे, साइबर थाना की कुमारी उषा सिन्हा, महिला थाना अध्यक्ष पूनम कुमारी, सोहसराय थाना की ब्यूटी कुमारी और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे. इसके अलावा “एसोसिएशन फॉर वॉलेंट्री एक्शन” के स्टेट कॉर्डिनेटर संतोष दुबे, जिला बाल संरक्षण इकाई के रंजन कुमार पाठक और सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद चौधरी, अनुपम कुमारी और शिव शंकर ठाकुर ने भी सहयोग किया.
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