नालंदा के सदर अस्पताल में टीका लगने के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत, परिजनों में मचा कोहराम

Nalanda News: नालंदा के बिहारशरीफ सदर अस्पताल में बुधवार को एक नवजात बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई. पटना के बाढ़ (अकबरपुर नया टोला) निवासी पिता प्रताप सेन के अनुसार, 28 मई को सिजेरियन से पैदा हुआ बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था. मंगलवार को टीका लगने के बाद उसे तेज बुखार आया और बुधवार शाम बुखार की दवा देने पर उसका शरीर नीला पड़ने लगा, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना से आक्रोशित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मां को सदमे से बचाने के लिए अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है.

Nalanda News (अमर वर्मा): नालंदा जिला मुख्यालय स्थित बिहारशरीफ सदर अस्पताल में बुधवार को इलाज के दौरान एक नवजात शिशु की दर्दनाक मौत हो गई. इस दुखद घटना के बाद अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों के बीच कोहराम मच गया है. नवजात की मौत के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, हालांकि प्रसूता (मां) को इस गहरे सदमे से बचाने के लिए परिजनों ने अभी तक नवजात की मौत की भनक तक नहीं लगने दी है.

अकबरपुर नया टोला के प्रताप सेन के घर गूंजी थी किलकारी, जन्म के समय स्वस्थ था बच्चा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत अकबरपुर नया टोला निवासी प्रताप सेन ने अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव (डिलिवरी) के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया था. जहाँ बीते 28 मई को डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित प्रसव कराया. पत्नी ने एक सुंदर बच्चे को जन्म दिया था. परिजनों ने बताया कि जन्म के बाद से ही नवजात पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य था, जिससे परिवार में काफी खुशी का माहौल था.

टीका लगने के बाद चढ़ा तेज बुखार, दवा खाते ही शरीर का रंग पड़ा नीला

पीड़ित पिता प्रताप सेन और अन्य परिजनों ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नवजात शिशु को नियमित टीकाकरण के तहत टीका (वैक्सीन) लगाया गया था. टीका लगने के कुछ ही समय बाद बच्चे को अचानक तेज बुखार आ गया. बुधवार की शाम को जब ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बच्चे को बुखार कम करने की दवा दी गई, तो दवा खाने के थोड़ी ही देर बाद बच्चे के शरीर का रंग धीरे-धीरे सामान्य से बदलकर नीला पड़ने लगा.

डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी नहीं बची जान, परिजनों में भारी आक्रोश

नवजात के शरीर में आए इस अचानक और भयानक बदलाव को देखकर वार्ड में मौजूद परिजन बुरी तरह घबरा गए. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सों को दी. सूचना मिलते ही डॉक्टरों की टीम ने नवजात को बचाने के लिए इलाज शुरू किया और आपातकालीन चिकित्सा दी, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद देर शाम नवजात शिशु ने दम तोड़ दिया.

बच्चे की मौत की खबर मिलते ही भावुक परिजनों का सब्र का बांध टूट गया और वे अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आक्रोशित हो गए. समाचार लिखे जाने तक अस्पताल में स्थिति गमगीन बनी हुई थी और पीड़ित परिवार स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा रहा था.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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