बिहारशरीफ में 500 सफाईकर्मी हड़ताल पर, शहर में 250 टन कचरे के उठाव पर संकट

बिहारशरीफ नगर निगम के करीब 500 सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इसके चलते शहर में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है. यूनियन ने जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, काम पर न लौटने की चेतावनी दी है.

बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त आह्वान पर बिहारशरीफ नगर निगम के करीब 500 सफाईकर्मी गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए.

हड़ताल के पहले दिन सफाईकर्मियों ने नगर निगम के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की.

आंदोलन के कारण नगर निगम का सफाई कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया और शहर के विभिन्न इलाकों में कचरे का उठाव बंद हो गया. सफाईकर्मियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी तीन प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे.

कचरा उठाव ठप होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा

हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है. नगर निगम क्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाले लगभग 250 टन कचरे के उठाव पर संकट उत्पन्न हो गया है. लगातार बारिश के बीच कचरा जमा होने से दुर्गंध, जलजमाव और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है. आम लोगों को भी आने वाले दिनों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

यूनियन की प्रमुख मांगें और चेतावनी

धरना को संबोधित करते हुए यूनियन अध्यक्ष विक्की कुमार ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि वर्षों से कार्यरत दैनिक मजदूरों को अब तक स्थायी नहीं किया गया है, जबकि वे नियमित रूप से नगर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं.

उन्होंने सरकार और नगर निगम प्रशासन से आउटसोर्सिंग एवं ठेका प्रथा समाप्त कर 'समान काम के लिए समान वेतन' लागू करने की मांग की. साथ ही एसीपी-एमएसीपी सहित अन्य लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग उठाई.

धरना में शामिल महिला सफाईकर्मियों ने महंगाई का हवाला देते हुए वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा की मांग की. उन्होंने कहा कि वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है.

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और नगर निगम प्रशासन की होगी.

प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख लोग

इस मौके पर कोषाध्यक्ष महेश दास, सचिव मनोज रविदास, उपाध्यक्ष करण कुमार, सरयुग दास, अनिल दास, उमेश डोम, नोखलाल डोम, रुकसाना खातून, जूली खातून आदि उपस्थित थे.

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By Sunil kumar

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