छह दिनों से कॉल ड्रॉप से मोबाइल उपभोक्ता परेशान

जिले में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति इन दिनों बेहद खराब बनी हुई है. बीते छह दिनों से मोबाइल सेवा पूरी तरह अस्त-व्यस्त है.

बिहारशरीफ. जिले में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति इन दिनों बेहद खराब बनी हुई है. बीते छह दिनों से मोबाइल सेवा पूरी तरह अस्त-व्यस्त है. कहीं कॉल ड्रॉप की समस्या है, तो कहीं कॉल लगने के बाद आवाज ही नहीं आती. शहर से लेकर गांव तक हर जगह लोग संचार अव्यवस्था से परेशान हैं. लाखों मोबाइल उपभोक्ता इसकी चपेट में हैं. कई उपभोक्ताओं ने बताया कि मोबाइल ऑन होने के बावजूद जब कोई कॉल करता है, तो जवाब मिलता है कि यह नंबर अभी बंद है या सेवा क्षेत्र में नहीं है. कुछ लोग जरूरी बातचीत के लिए व्हाट्सएप या वीडियो कॉलिंग का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा की स्थिति और भी खराब है. नेटवर्क बार-बार गायब हो जाता है, और जब रहता भी है तो बेहद धीमा चलता है. लोगों ने यह भी शिकायत की कि मोबाइल कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर लगातार व्यस्त मिलते हैं या जुड़ते ही नहीं. नेटवर्क की इस खराबी का असर सरकारी कार्यों पर भी पड़ा है. बीएलओ मतदाता गणना से जुड़े प्रपत्र ऑनलाइन नहीं कर पा रहे. कई प्रखंड और पंचायत स्तरीय सीएससी केंद्रों का कामकाज ठप पड़ा है. जन वितरण प्रणाली की पॉक्स मशीनों में नेटवर्क न मिलने से राशन उठाव भी प्रभावित हुआ है. शहरवासी विकास कुमार उर्फ गांधी जी, शिक्षक टिंकू कुमार, बैंककर्मी विजय कुमार, व्यवसायी पंकज कुमार ने बताया कि मोबाइल कंपनियां साल दर साल रिचार्ज महंगा कर रही हैं, लेकिन सेवा में कोई सुधार नहीं है. आज फाइव जी की बात हो रही है, लेकिन एक सामान्य कॉल तक ठीक से नहीं लग रही. लोगों ने यह भी कहा कि शाम चार से रात नौ बजे के बीच नेटवर्क की स्थिति और भी खराब हो जाती है. कई क्षेत्रों में लोग छत पर जाकर बात करने को मजबूर हैं. मधु कुमारी, निधि राठौर, कोमल भारती और कुमकुम भारती ने बताया कि मोबाइल की सबसे अधिक जरूरत घर से बाहर यात्रा के दौरान होती है. लेकिन पिछले छह दिनों से बस और ट्रेन जैसे स्थानों पर मोबाइल पूरी तरह से फेल हो जा रहा है. एक ही कंपनी का दबदबा बना समस्या- लोगों का कहना है कि जिले में एक खास मोबाइल सेवा कंपनी का 80–85 फीसदी नियंत्रण है. इसी एकाधिकार के कारण किसी और विकल्प की गुंजाइश नहीं बची है. जब प्रतिस्पर्धा नहीं होगी, तो कंपनियां सेवा सुधारने की जिम्मेदारी क्यों लेंगी. सरकार को चाहिए कि वह मामले में हस्तक्षेप करे और वैकल्पिक व्यवस्था की निगरानी करे. जिले में मोबाइल नेटवर्क की बदहाल स्थिति ने आमजन की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है. महंगे रिचार्ज और घटिया सेवा ने उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ा दी है. सरकार और मोबाइल कंपनियों को इस समस्या का तत्काल हल निकालना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके. कुछ लोग सरकारी मोबाइल कंपनी बीएसएनएल को फिर से बेहतर करने की मांग कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Santosh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >