शेखपुरा.
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, आरसेटी में एक दिवसीय ऋण शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर विभिन्न बैंकों के माध्यम से अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों के बीच ऋण वितरण किया गया. इस संबंध में जानकारी देते हुए अग्रणी बैंक प्रबंधक ने बताया कि इस कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों द्वारा केसीसी, लघु उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुल 272 लोगों को 11.26 करोड़ का ऋण वितरण किया गया. उन्होंने कहा कि हमारे बिहार का सीडी रेसियो, लगभग 59 प्रतिशत है जबकि, जिलें का सीडी रेसियों 49.02 प्रतिशत है इसे 60 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. राज्य स्तर पर दिये गये निर्देश के आलोक में आगे भी 11 एवं 24 मार्च को इस तरह के मेगा ऋण शिविर लगाकर लाभुकों के बीच ऋण वितरण किया जायेगा. इस अवसर पर नोडल पदाधिकारी बैंकिंग के द्वारा बताया गया कि विभिन्न बैंकों के द्वारा प्रदान किए ऋण के माध्यम के कई सकारात्मक परिणाम होते हैं. आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन से लेकर सामाजिक उन्नति इत्यादि कई इसके सकारात्मक पहलू है. बैंकों के द्वारा बिजनेस, पढ़ाई, होम लोन इत्यादि कई कार्यों के लिए ऋण प्रदान किया जाता है. सरकार के द्वारा भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, केसीसी इत्यादि के अंतर्गत कम समय में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच ऋण प्रदान किया जा रह है.ऋण की समय पर वापसी का रखें ध्यान :
इस मौके पर बैंकिंग शाखा के नोडल पदाधिकारी सौरभ कुमार भारती, ने कहा कि ऋण लेना गलत नहीं है, परंतु यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि समय पर उसे हम वापस भी कर दें. एक जिम्मेदार नागरिक के नाते हमारा यह दायित्व होना चाहिए. इस अवसर पर एलडीएम राजेश कुमार सिन्हा, जिले के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक, आर सेटी के निदेशक बालाजी, रघुवीर कुमार एवं बड़ी संख्या में ऋण लेने वाले लाभुक आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
