राजगीर.
राजगीर सहित सूबे के बांका, बक्सर, तारापुर, सोनपुर और डेहरी-ऑन-सोन के अलावे देश के 152 नगर निकायों में आकाशीय भू-सर्वेक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मंगलवार को किया गया है. डिजिटल नक्शा केन्द्र और राज्य सरकार के अलावे भू-सर्वे की विशेषज्ञ टीम द्वारा आज से सर्वेक्षण कार्य शुरू करना था. लेकिन रेड जोन घोषित होने के कारण राजगीर में ड्रोन नहीं उड़ाया गया. अनुमति देने के बाद एरियल सर्वे का काम शुरू किया जायेगा. इस सर्वेक्षण के लिए पदाधिकारियों साथ 32 अमीन की भी जिला प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्ति कर दिया गया है.ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित नक्शा कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाना है. इसका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड बनाना और उन्हें अद्यतन करना, भूमि स्वामित्व को सही निर्धारित करना है. राजगीर के आरआइसीसी में आयोजित इस उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक कौशल किशोर, एडीएम मंजीत कुमार, सर्वे ऑफ इंडिया टीम के पदाधिकारी, नगर परिषद के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य शामिल हुए. राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित शहरी आवास भूमि सर्वेक्षण (नक्शा) पायलट कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस सर्वेक्षण से सही भूमि की सही पहचान हो जायेगी. उन्होंने कहा कि इस एरियल सर्वेक्षण में किसी का नाम न छूटे इसका ख्याल संबंधित पदाधिकारी रखेंगे. उन्होंने गरीब मुक्त गांव बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के बाद गांव में रहने वालों को रोजगार दिया जाएगा़ इस अवसर पर एडीएम मंजीत कुमार ने कहा कि इस नई योजना नक्शा के तहत शहरी भूमि के ईंच-ईंच का डिजिटल रिकॉर्ड पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनाया जायेगा. एक साल में सर्वे कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।. उन्होंने कहा कि इस सर्वे के बाद भूमि विवाद कम होने की संभावनाएं हैं. भूमि सर्वेक्षण का कार्य नालंदा के लिए कोई नया नहीं है. जिले के 20 प्रखंडों में से 11 प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्र में सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है. यह सर्वे तीन चरणों में पूरे किये जायेंगे. पहले चरण में एरियल सर्वे, दूसरे चरण में फील्ड सर्वे और तीसरे चरण में दावा आपत्ति बाद नक्शा पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा. यह डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकारण कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद देश के अन्य शहरों का डिजिटल भू-सर्वेक्षण सर्वेक्षण ऑफ इंडिया तकनीकी सहयोग करेगा. सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वे अधिकारी आकाश रंजन सिंह ने कहा कि 1767 से विभाग के द्वारा सर्वे का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में ड्रोन से सर्वे किया जायेगा. तीन तरह के ड्रोन की सहायता ली जायेगी. ड्रोन कर्व, 20 नाडिर कैमरा, ऑब्लिक एंगल कैमरा, लीडार कैमरा से सर्वेक्षण किया जायेगा. विधायक कौशल किशोर ने कहा कि राजगीर के विकास के लिए नक्शा सर्वेक्षण कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है. सबका सपना राजगीर में घर हो अपना का नारा देते हुए उन्होंने कहा कि राजगीर में सरकारी जमीनों की लूट हो रही है. उस लूट की पहचान इस सर्वेक्षण के बाद हो जायेगी. इस अवसर पर नगर परिषद के मुख्य सभापति जीरो देवी, उप मुख्य सभापति मुन्नी देवी, वार्ड पार्षद डॉ अनिल कुमार, वार्ड पार्षद महेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार, श्यामद राजवंशी, कार्यपालक पदाधिकारी सुनील कुमार, टाउन प्लानर प्रदीप कुमार उपाध्याय एवं अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
