शेखपुरा जिले के 11 पहाड़ी भूखंडों की होगी नीलामी

नीलामी के इस प्रक्रिया के बाद शेखपुरा जिले में खनन राजस्व में सवा सौ करोड रुपए का सालाना इजाफा होने की उम्मीद है.

शेखपुरा. जिले में एक बार फिर से 11 पहाड़ी भूखंडों की नीलामी होगी. नीलामी के इस प्रक्रिया के बाद शेखपुरा जिले में खनन राजस्व में सवा सौ करोड रुपए का सालाना इजाफा होने की उम्मीद है. इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया को तेज कर दिया है. नीलामी करने के लिए वन एवं पर्यावरण के साथ-साथ कला एवं संस्कृति विभाग के द्वारा एनओसी प्राप्त कर लिया गया है. खनिज विकास प्राधिकारी सचिन प्रकाश ने बताया कि पहाड़ी भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया जारी है. जिले के विभिन्न क्षेत्र के पहाड़ी भूखंडों में 11 खनन पट्टा क्षेत्र चिह्नित कर कला एवं संस्कृति विभाग के साथ-साथ वन एवं पर्यावरण विभाग से एनओसी प्राप्त कर लिया गया है. पहाड़ में पत्थर उत्खनन के लिए पचना पहाड़ के चार ब्लॉक, मटोखर पहाड़ के छह ब्लॉक और चांदी पहाड़ के एक ब्लॉक की लीज होगा. चांदी पहाड़ी के एक एक मात्र भूखंड की होगी नीलामी अरियरी प्रखंड के चांदी पहाड़ी भूखंड की नीलामी प्रकिया में इस बार बदलाव देखने को मिलेगा. जिसमें मात अब एक पहाड़ी भूखंड की ही नीलामी होगी. जबकि, एक भूखंड पर ऐतिहासिक धरोहर को बचाने को लेकर स्थानीय लोगों के द्वारा लगातार की जा रही मांग को देखते हुए अब नए सिरे से नीलामी नहीं होगी. इस पहाड़ी भूखंड पर सबरी माता का मंदिर अवस्थित है. यहां हर साल भव्य मेला का आयोजन किया जाता है. वहीं नये लीज में इस बार चेवाड़ा के चकन्द्रा पहाड़ी भूखंड पर नये सिरे से लीज नहीं होने का जिक्र हैं. हर भूखंड का 12.5 एकड़ होता है रकबा : जिले में बंदोबस्ती की प्रक्रिया जिन पहाड़ी भूखंडों का होगा उसमें प्रत्येक का रकबा लगभग 12.5 एकड़ होने की संभावना है. पहाड़ी भूखंडों की नीलामी के बाद खनन उद्योग में एक बार फिर बड़ी सरगर्मी बढ़ जायेगी. वर्तमान में शेखपुरा जिले के अंदर कारे, चकंदरा, पत्थर उत्खनन का कार्य जारी है. जबकि कई भूखंडों की नीलामी अवधि समापन के बाद वहां अवैध उत्खनन की भी शिकायतें मिलती रही हैं. ऐसी स्थिति में विभाग ने इन भूखंडों पर नीलामी की प्रक्रिया को तेज कर दिया है.

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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