पटना. हिमालय के निकटवर्ती क्षेत्र में लगातार व्यापक तौरपर हो रही बर्फबारी से प्रभावित 16 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिहार में प्रवेश कर रही ठंडी हवाओं ने लोगों की कंपा दिया है.
बर्फीली हवाओं ने गंगा के मैदानी इलाकों में और प्रदेश के पहाड़ी इलाको में खासतौर पर ठिठुरन पैदा कर दी है. हाड़ कंपाने वाली इस ठंड का असर जीवनशैली पर भी पड़ा है.
डेहरी और गया में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. पटना का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
धरातल से लेकर आसमान में तीन किलोमीटर ऊपर तक शुष्क बर्फीली हवाओं के चलने से शीत लहर जैसे हालात बन गये हैं. अगले चौबीस घंटे में दिन और रात दोनों का तापमान और गिरेगा.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है. पश्चिमी व उत्तर पश्चिमी हवा के चलने से कंपकंपी बढ़ी है. इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में भी कमी आयी है. न्यूनतम तापमान में और कमी होने से शीत लहर होगा.
अगले 24 घंटे में ठंडी हवा 12 से 18 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी. इससे दिन व रात के तापमान में लगभग दो डिग्री सेंटीग्रेड की कमी होगी.
इससे ठंड और बढ़ेगी. आसमान साफ रहेगा. घना कोहरा नहीं दिखेगा. हालांकि मौसम विभाग ने अभी शीत लहर का औपचारिक अलर्ट जारी नहीं किया है.
हालांकि बच्चों के स्कूल बंद हैं,इसलिए जनजीवन पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ने वाला है. सूत्रों के मुताबिक पूरे दिसंबर भर कमोबेश इसी तरह की ठंडी हवा चलने के आसार हैं. हालांकि तीन दिन बाद हवा की रफ्तार में कुछ कमी आ सकती है.
दिसंबर मध्य तक पूरे प्रदेश में रात का तापमान सामान्य से ऊपर चला,लेकिन शुक्रवार को सामान्य से नीचे आ गया है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक पड़ रही कड़ाके की ठंड से फसलों को फायदा होगा.
उनका अंकुरण और फूल आने की प्रक्रिया के लिए यह तापमान आदर्श माना जायेगा. तेज ठंडी हवा चलने से दुधारू पशुओं पर असर पड़ेगा.
लिहाजा विशेषज्ञों का कहना है कि दुधारू पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उपाय जरूर किये जाने चाहिए. पटना में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे 19.6, गया में सामान्य से चार डिग्री नीचे दर्ज किया गया है.
Posted by Ashish Jha
