वाल्मीकिनगर में शुरू होगा हेली टूरिज्म, हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे पर्यटक, राजगीर-कैमूर से भी जुड़ेगा

Valmiki Tiger Reserve Heli Tourism: पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर को अब हेली टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है. जुलाई 2026 से शुरू होने वाली इस सेवा के जरिए पर्यटक वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के साथ-साथ राजगीर और कैमूर की हवाई सैर बेहद रियायती दरों पर कर सकेंगे.

Valmiki Tiger Reserve Heli Tourism: वाल्मीकिनगर को जल्द ही हेली टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है. इस नई सुविधा के शुरू होने से सैलानी सड़क और रेल के अलावा हवाई सफर का भी आनंद ले सकेंगे. इस हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए वाल्मीकिनगर को सीधे राजगीर और कैमूर के मां मुंडेश्वरी मंदिर से जोड़ा जाएगा. यह सर्विस जुलाई 2026 से लेकर 15 जनवरी 2027 तक चलाई जाएगी और इसके लिए पर्यटकों को बहुत ही कम और रियायती किराया देना होगा.

19 सीटों वाले विमान उड़ाने की भी तैयारी

हेलीकॉप्टर के साथ-साथ वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे से 19 सीटर विमान उड़ाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. एयरपोर्ट को बड़ा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जमीन का इंतजाम कर लिया गया है. वर्तमान में मौजूद 45 एकड़ जमीन के अलावा 7 एकड़ और जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है. इसकी फाइनल तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि नए पर्यटन सीजन में यह सेवा शुरू हो जाएगी. शुरुआती चर्चा के अनुसार, विमान और हेलीकॉप्टर की यह उड़ानें हफ्ते में दो दिन संचालित की जाएंगी.

Valmiki Tiger Reserve Heli Tourism: पर्यटकों की संख्या ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, विदेशी सैलानी भी आ रहे

वीटीआर में सुविधाएं बढ़ने के बाद से यहां आने वाले लोगों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2021-22 में जहां सिर्फ 92 हजार पर्यटक आए थे, वहीं साल 2024-25 में यह आंकड़ा 4 लाख 80 हजार के पार पहुंच गया. मौजूदा साल 2025-26 में तो 30 मई तक ही 6 लाख 20 हजार से ज्यादा टूरिस्ट वीटीआर घूम चुके हैं. इनमें इंग्लैंड और फ्रांस जैसे देशों से आए 100 से अधिक विदेशी मेहमान भी शामिल हैं. फिलहाल वीटीआर की छह रेंजों में बने 56 कमरों में 124 पर्यटकों के ठहरने की उत्तम सरकारी व्यवस्था है.

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गांव के देसी माहौल में रुकेंगे सैलानी, सरकार देगी 11 लाख की मदद

पर्यटकों को थारू जनजाति की पारंपरिक संस्कृति, खान-पान और लोकनृत्य से रूबरू कराने के लिए सरकार ‘सीएम होम स्टे प्रोत्साहन योजना 2026’ लेकर आई है. इसके तहत वीटीआर से सटे तरूअनवा, बरवा कलां, संतपुर और दरूआबारी जैसे गांवों में होम स्टे की सुविधा शुरू की जा रही है.

नए होम स्टे खोलने और पुराने को बेहतर बनाने के लिए सरकार स्थानीय युवाओं को अधिकतम 11 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दे रही है. इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को घर बैठे ही रोजगार मिलेगा. हवाई सेवा और होम स्टे की इस जुगलबंदी से वाल्मीकिनगर में पर्यटन और स्थानीय विकास को एक नई रफ्तार मिलने वाली है.

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By Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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