नयी दिल्ली / पटना. भारत में कोविड टीकों की अब तक 165.95 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं. इसी के साथ देश की 75% आबादी का टीकाकरण पूरा हो चुका है. इसमें बिहार देश में चौथे नंबर पर है. रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट कर यह एलान किया. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी. उन्होंने मांडविया के ट्वीट को टैग करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए देशवासियों को बधाई. टीकाकरण अभियान को सफल बना रहे सभी लोगों पर गर्व है.’
बिहार में 11.21 करोड़ वयस्कों को लग चुकी है वैक्सीन
कोरोना टीकाकरण में उत्तर प्रदेश (25.97 करोड़), महाराष्ट्र (14.79 करोड़) और पश्चिम बंगाल (12.14 करोड़) के बाद बिहार चौथे नंबर पर है. बिहार में अब तक 11.21 करोड़ से अधिक बालिग आबादी को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है. इनमें 6.43 करोड़ से अधिक वयस्कों को वैक्सीन का पहला डोज और 4.72 करोड़ से अधिक वयस्कों को दोनों डोज लग चुके हैं. वहीं, 4.82 लाख हेल्थ वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर व 60 से अधिक उम्र वालों को एहतियाती डोज भी लग चुके हैं. रविवार को एक लाख 36 हजार 508 लोगों को वैक्सीन दी गयी.
20 दिन के भीतर एक करोड़ लोगों ने लगवायी वैक्सीन
प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि कोरोना महामारी की नयी लहर से देश बहुत सफलता के साथ लड़ रहा है. अपने देश में बने टीके पर लोगों का भरोसा ‘हमारी बहुत बड़ी ताकत’ है. उन्होंने कि अब तक करीब साढ़े चार करोड़ किशोरों ने कोरोना रोधी टीके की खुराक ले ली है. इसका मतलब है कि 15 से 18 साल आयु-वर्ग के लगभग 60 प्रतिशत किशोरों ने तीन से चार हफ्ते में ही टीके लगवा लिये हैं. इससे न केवल उनकी रक्षा होगी, बल्कि उन्हें पढाई जारी रखने में भी मदद मिलेगी. मोदी ने कहा कि एक और अच्छी बात यह भी है कि 20 दिन के भीतर ही एक करोड़ लोगों ने एहतियाती खुराक भी ले ली है.
Also Read: Bihar Corona Update News: पटना में मिले 158 नये कोरोना संक्रमित, तीन पॉजिटिव मरीजों की मौत
भारत में कोविड के दो साल पूरे, अभी बाकी है जंग
कोविड के खिलाफ जारी भारत की लड़ाई को दो साल पूरे हो गये हैं, लेकिन वायरस से निपटने की यह जंग कब खत्म होगी, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. दो साल पहले 30 जनवरी 2020 को, चीन से केरल लौटी एक छात्रा कोरोना संक्रमित पायी गयी थी. यह देश में कोविड का पहला मामला था. फिलहाल देश इस महामारी की तीसरी लहर का सामना कर रहा है. दूसरी लहर के दौरान वायरस के डेल्टा वैरिएंट का कहर टूटा था, तो इस बार ओमिक्रोन संक्रमण फैला रहा है. नये चिंताजनक वैरिएंट का खतरा अब भी बना हुआ है.
