बिहार की दो बड़ी रेल परियोजना इस साल होगी पूरी, दो भागों में विभाजित मिथिला का हो जायेगा सीधा संपर्क

इन दोनों रेलखंडों पर आमान परिवर्तन पर लगभग 1471 करोड़ रुपये खर्च होंगे. फारबिसगंज तक रेल कनेक्टिविटी होने के बाद जोगबनी, कटिहार व गुवाहाटी से मिथिला का सीधा रेल संपर्क होगा.

पटना. सकरी-निर्मली व झंझारपुर-लौकहा बाजार रेलखंड पर तमुरिया-निर्मली के बीच 22 किमी और सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड पर ललितग्राम-फारबिसगंज के बीच 29 किमी बड़ी रेल लाइन बिछाने का काम इस साल पूरा होने की संभावना है.

इन दोनों रेलखंडों पर आमान परिवर्तन पर लगभग 1471 करोड़ रुपये खर्च होंगे. फारबिसगंज तक रेल कनेक्टिविटी होने के बाद जोगबनी, कटिहार व गुवाहाटी से मिथिला का सीधा रेल संपर्क होगा. झंझारपुर, निर्मली रूट की ट्रेन कोसी रेल महासेतु, सरायगढ़ व राघोपुर होकर फारबिसगंज पहुंच जायेगी.

पूमरे के जीएम अनुपम शर्मा ने निर्धारित समय पर इस काम को पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को नयी तकनीक का प्रयोग करते हुए समय पर काम पूरा करने की बात कही है.

112 किमी काम हुआ पूरा

सकरी–निर्मली तथा झंझारपुर-लौकहा बाजार लगभग 94 किलोमीटर व सहरसा-फारबिसगंज 111 किमी में कुल 112 किमी काम पूरा हो चुका है. सकरी-मंडन मिश्र हॉल्ट (11 किमी), मंडन मिश्र हॉल्ट-झंझारपुर (09 किमी), झंझारपुर-तमुरिया (09 किमी) का कार्य पूरा हो चुका है.

111 किलोमीटर लंबे सहरसा-फारबिसगंज परियोजना के अंतर्गत सहरसा-गढ़बरूआरी (16 किमी), गढ़बरूआरी-सुपौल (11 किमी), सुपौल-सरायगढ़ (25 किमी), सरायगढ़-राघोपुर (11 किमी) व राघोपुर-ललितग्राम (20 किमी) के बीच कार्य पूरा कर लिया गया है. इस परियोजना के शेष भाग में तेजी से काम हो रहा है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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