Bihar Teacher News: (अनुराग प्रधान, पटना) बिहार में सरकारी स्कूल के शिक्षक काफी समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर एक बार फिर नई नीति बनाने की तैयारी शुरू हो गई है.
ट्रांसफर पॉलिसी में सामने आई खामियां
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान ट्रांसफर पॉलिसी में कई खामियां सामने आई हैं, जिसके कारण स्कूलों में विषयवार शिक्षकों का संतुलन बिगड़ गया है. जानकारी के मुताबिक, कई माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में जहां एक-एक विषय के लिए निर्धारित पद हैं, वहां जरूरत से अधिक शिक्षकों की पोस्टिंग हो गई है.
24 अप्रैल को हुई थी बैठक
उदाहरण के तौर पर कुछ स्कूलों में इतिहास के दो पदों के बजाय चार-चार शिक्षक तैनात हैं, जबकि विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में कई जगह शिक्षकों की कमी बनी हुई है. हाल ही में 24 अप्रैल को शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों के साथ हुई थी. बैठक में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे.
कब तक बन सकती है नई पॉलिसी
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा था कि ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित हो सके. सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नई ट्रांसफर पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जाएगा. इससे पहले शिक्षक संघों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे जायेंगे. इन सुझावों पर विचार-विमर्श के बाद ही नई नीति लागू की जायेगी. अभी विभाग ने शिक्षकों के ट्रांसफर पर तत्काल रोक लगा दी है.
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