VIDEO: पटना में छात्रों का हल्लाबोल: बैरिकेडिंग तोड़ डाकबंगला पहुंचे प्रदर्शनकारी, CRPF तैनात; बोले- ‘30 की उम्र होने वाली, कब तक तैयारी करें?’

पटना में छात्रों का हल्लाबोल

बिहार में शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया. जेपी गोलंबर से शुरू हुआ प्रदर्शन डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया, जहां छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी. छात्रों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, ताकि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार हो सके.

Bihar Student Protest : बिहार में शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया. जेपी गोलंबर से शुरू हुआ प्रदर्शन डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया, जहां छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, सीआरपीएफ और आरएफ के जवानों की तैनाती की गयी. मौके पर वाटर कैनन और सुरक्षात्मक वाहन भी लगाए गए. प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने तथा कुछ छात्रों को हिरासत में लिये जाने की बात सामने आयी.

जेपी गोलंबर की बैरिकेडिंग तोड़ डाकबंगला पहुंचे छात्र

छात्रों का प्रदर्शन पहले जेपी गोलंबर से शुरू हुआ था. वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गये. डाकबंगला पहुंचने के बाद यहां भी छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी.

‘सीएम हाउस घेरना था, सरकार तक बात पहुंचानी है’

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि उनकी पहले से योजना मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने और सरकार के वरिष्ठ नेताओं से आमने-सामने बातचीत करने की थी. छात्रों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, ताकि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार हो सके.

‘टीआर-4 और सीजीएल का फॉर्म भरा, कब तक तैयारी करें?’

प्रदर्शनकारी छात्र नीतीश कुमार ने कहा कि वे टीआर-4 के अभ्यर्थी हैं और कई छात्र बीएसएससी सीजीएल की परीक्षा के लिए भी लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी से छात्रों की उम्र बढ़ती जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि अभ्यर्थी आखिर कितने वर्षों तक परीक्षा की तैयारी करते रहें. उनका कहना था कि कई अभ्यर्थी अब 30 वर्ष की उम्र के करीब पहुंच रहे हैं.

‘टीआर-1, 2 और 3 में एक परीक्षा हुई, टीआर-4 में दो क्यों?’

छात्रों की प्रमुख मांगों में टीआर-4 की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी सवाल शामिल है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले टीआर-1, टीआर-2 और टीआर-3 में एक परीक्षा के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ी थी, तो टीआर-4 में अलग प्रक्रिया क्यों अपनायी जा रही है. छात्रों ने एकल परीक्षा कराने और परीक्षा पैटर्न को लेकर स्पष्टता देने की मांग की.

सिलेबस को लेकर भी छात्रों में नाराजगी

प्रदर्शनकारी छात्रों ने टीआर-4 के सिलेबस को लेकर भी आपत्ति जतायी. एक छात्र ने कहा कि वह गणित विषय का विद्यार्थी है और अपने विषय में मजबूत है, लेकिन परीक्षा का सिलेबस काफी व्यापक कर दिया गया है. छात्रों का कहना है कि इससे विषय विशेष में दक्ष अभ्यर्थियों के लिए भी चयन प्रक्रिया कठिन हो सकती है.

सीट बढ़ाने के ऐलान पर भी छात्रों ने उठाये सवाल

प्रदर्शन में शामिल संदीप झा ने कहा कि छात्रों की मांग सीट बढ़ाने और एकल परीक्षा कराने को लेकर है. उन्होंने कहा कि सीट बढ़ाने की घोषणा जरूर की गयी है, लेकिन बढ़ी हुई सीटों का लाभ सभी विषयों के अभ्यर्थियों को समान रूप से नहीं मिल रहा. छात्रों ने कहा कि कुछ विषयों में सीट बढ़ाने से उनकी मूल समस्या का समाधान नहीं होगा.

‘हम लड़ने नहीं, अपनी मांग सुनाने आये हैं’

छात्रों ने कहा कि वे सरकार से टकराव नहीं चाहते, बल्कि अपनी मांगों पर बातचीत चाहते हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को छात्रों की बात सुनकर परीक्षा प्रक्रिया, सीटों और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए.

डाकबंगला चौराहा बना पुलिस छावनी

प्रदर्शन उग्र होने के बाद डाकबंगला चौराहे पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गयी. पुलिस के साथ सीआरपीएफ और आरएफ के जवानों को तैनात किया गया. मौके पर वाटर कैनन भी लगाया गया. छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और कई लोगों के घायल होने की बात कही गयी. कुछ छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया.

बीपीएससी, बीएसएससी और अन्य भर्तियों के अभ्यर्थी भी आंदोलन में

छात्रों का कहना है कि सिर्फ टीआर-4 ही नहीं, बल्कि बीपीएससी, बीएसएससी, बीटीएससी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न विभागों की नियुक्तियों से जुड़े अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं. ड्रेसर और लाइब्रेरियन जैसी नियुक्तियों को लेकर भी अभ्यर्थियों के आंदोलन का मुद्दा उठाया गया.

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत पर टिकी नजर

डाकबंगला चौराहे पर देर तक छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल बातचीत की मांग की. अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है और आंदोलन को समाप्त कराने के लिए क्या पहल की जाती है.

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By विवेक सिंह

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