Success Story: बिहार के सीवान की रहने वाली 18 साल की श्रेया कौशिक का चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित लिंकन स्कॉलरशिप के लिए हुआ है. यह स्कॉलरशिप करीब 3 करोड़ रुपये की है. सबसे खास बात यह है कि इस साल पूरे भारत से चुनी जाने वाली वह अकेली छात्रा हैं.
इस स्कॉलरशिप के जरिए अब वह अमेरिका के सेंटर कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई करेंगी. लिंकन स्कॉलरशिप दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ग्रेजुएशन स्कॉलरशिप में गिनी जाती है.
इसे अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की याद में शुरू किया गया था. इस स्कॉलरशिप के लिए नियम काफी सख्त हैं. हर साल दुनिया भर से सिर्फ 10 होनहार छात्रों का चयन किया जाता है.
3 करोड़ की स्कॉलरशिप में क्या-क्या मिलेगा?
यह स्कॉलरशिप अमेरिका के केंटकी स्थित सेंटर कॉलेज में चार साल की बैचलर डिग्री की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाती है. इसमें ट्यूशन फीस, रहने और खाने का खर्च, किताबें, पढ़ाई की जरूरी सामग्री, हेल्थ इंश्योरेंस, हवाई यात्रा और दूसरे जरूरी निजी खर्च भी शामिल होते हैं. यह स्कॉलरशिप उन छात्रों को मिलती है जो पढ़ाई में बेहतरीन होने के साथ लीडरशिप और समाज के लिए काम करने की सोच भी रखते हैं.
श्रेया कौशिक का जन्म बिहार के सीवान में हुआ था. बाद में उनकी स्कूली पढ़ाई के लिए परिवार दिल्ली आ गया. उन्होंने नई दिल्ली के आया नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की. महज 13 साल की उम्र में वह डेक्सटैरिटी ग्लोबल नाम की संस्था से जुड़ गईं. यह संस्था अलग-अलग पृष्ठभूमि के बच्चों को लीडरशिप की ट्रेनिंग और आगे बढ़ने के अवसर देती है.
कई प्रतियोगिताओं में दिखाया शानदार प्रदर्शन
डेक्सटैरिटी ग्लोबल से जुड़ने के बाद श्रेया ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. उन्होंने लीडरशिप से जुड़े कई कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाई. इन प्रतियोगिताओं में उनके शानदार प्रदर्शन, मजबूत प्रोफाइल और नेतृत्व क्षमता की वजह से उन्हें इस प्रतिष्ठित वैश्विक स्कॉलरशिप के लिए चुना गया.
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सफलता पर क्या बोलीं श्रेया?
स्कॉलरशिप मिलने के बाद श्रेया ने कहा कि अमेरिका के महान राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के नाम पर मिलने वाली यह स्कॉलरशिप उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय सही मेंटरशिप और ट्रेनिंग को दिया.
उन्होंने कहा कि इसी मार्गदर्शन की वजह से वह अपनी परिस्थितियों से आगे बढ़कर यह मुकाम हासिल कर सकीं. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी पढ़ाई का उपयोग समाज की भलाई और सकारात्मक बदलाव के लिए करेंगी.
डेक्सटैरिटी ग्लोबल के फाउंडर और सीईओ शरद विवेक सागर ने श्रेया को इस उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि श्रेया की सफलता यह साबित करती है कि अगर प्रतिभाशाली छात्रों को सही समय पर सही मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें, तो वे दुनिया के सबसे बड़े संस्थानों तक पहुंच सकते हैं. श्रेया की इस उपलब्धि की चर्चा इस समय सीवान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में हो रही है.
