Bihar Rain Alert: बिहार में बीते कुछ दिनों से लगातार मौसम में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है. दिन में तेज धूप तो शाम में तेज हवा और बारिश. कभी रात में उमस वाली गर्मी तो दिन में सुहाना मौसम. अब इन सब के बीच एक बार फिर आज देर शाम मौसम का मिजाज बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पटना की ओर से जारी ताजा चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राज्य के बड़े हिस्से को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा गया है, जबकि दक्षिण बिहार के कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान ऑरेंज अलर्ट वाले जिलो में अगले कुछ घंटों में तेज बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा की संभावना जताई गयी है.
24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
IMD की तरफ से जारी वेदर मैप में आप साफ देख सकते हैं कि बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण समेत कई जिलों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गयी है. साथ ही ठनका गिरने की संभावना भी जतायी गयी है.
अब समझते हैं कि आखिर ऑरेंज अलर्ट क्या होता है और इस तरह के अलर्ट से मौसम पर क्या प्रभाव पड़ता है…
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से ज्यादा गंभीर हो सकती है. गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और कुछ स्थानों पर वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं. इस तरह के अलर्ट के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
यह भी पढे़ं: Bihar Vidhwa Pension Scheme: सरकार दे रही हर महीने 1100 रुपये पेंशन , जानिए विधवा पेंशन योजना की पूरी प्रक्रिया
सीमांचल और कोसी क्षेत्र में भी खराब मौसम के संकेत
बिहार के सीमांचल जिलों की स्थिति भी मौसम के हिसाब से कुछ ठीक नहीं है. अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जैसे जिलों को भी ऑरेंज अलर्ट वाले एरिया में रखा गया है. इन इलाकों में काले बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है, साथ ही अगले कुछ घंटे में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है.
दक्षिण बिहार के जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, नवादा, औरंगाबाद, जमुई, बांका, मुंगेर, लखीसराय और आसपास के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
येलो अलर्ट का अर्थ
येलो अलर्ट का मतलब है कि इन क्षेत्रों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. अलर्ट के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चल सकती है, लेकिन जोखिम ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की तुलना में कम माना जाता है.
यह भी पढे़ं: Bihar Land Transfer Rule Change: लैंड ट्रांसफर के नियम में बदलाव, DM को अब 10 एकड़ तक मंजूरी देने का अधिकार
वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी
बिहार में मानसून के दौरान सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान वज्रपात से होता है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी किनारे और पेड़ों के नीचे खड़े न हों.
यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी पक्के भवन में शरण लें. किसान कृषि कार्य के दौरान मोबाइल पर मौसम अपडेट जरूर देखते रहें.
यह भी पढे़ं: Bihar E-Bus Service: लो भैया एक और बड़ी खुशखबरी, इन 6 शहरों में दौड़ेंगी 400 इलेक्ट्रिक बसें
