नीतीश कुमार बिहार के नवीं बार मुख्यमंत्री बनें . रविवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से पहले उन्होंने मिलकर पहले इस्तीफा दिया और फिर बिहार में नई एनडीए की सरकार बनाने दावा पेश किया. बिहार में नीतीश सरकार को 128 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. जिसमें जीतन राम मांझी की पार्टी हम के चार विधायक भी शामिल हैं. एनडीए की नयी सरकार में बने दो मंत्री विधान परिषद के सदस्य हैं. स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं. उनके अलावा उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संतोष कुमार सुमन विधान परिषद के सदस्य हैं.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और संतोष कुमार सुमन का मौजूदा कार्यकाल इसी साल मई महीने में पूरा हो जायेगा. उम्मीद है कि वे फिर से इसी सदन के सदस्य बनेंगे. इसी प्रकार संतोष सुमन का भी कार्यकाल इसी साल मई महीने में पूरा होगा. उन्हें मंत्री पद बनाये रखने के लिए फिर से विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनना होगा. बाकी सभी मंत्री विधानसभा के सदस्य हैं.
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सीएम समेत तीन मंत्री विधान परिषद के हैं सदस्
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नयी कैबिनेट में तीन सवर्ण मंत्री बनाये गये हैं. इनमें भाजपा के विजय कुमार सिन्हा, जदयू के विजय कुमार चौधरी और निर्दलीय सुमित कुमार सवर्ण जाति से आते हैं. जबकि कुशवाहा बिरादरी से उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दलित वर्ग से संतोष कुमार सुमन और अति पिछड़ा वर्ग से भाजपा के डॉ प्रेम कुमार के नाम हैं. यादव जाति से बिजेंद्र प्रसाद यादव और कुर्मी जाति से मंत्री बनने वाले में श्रवण कुमार के नाम हैं.
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किस जाति से कितने मंत्री?
दो कुर्मी
दो भूमिहार
एक राजपूत
एक यादव
एक दलित
एक अति पिछड़ा
एक कुशवाहा
ये हैं संभावित नाम
नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री)
सम्राट चौधरी (भाजपा)
विजय सिन्हा (भाजपा)
डॉ प्रेम कुमार (भाजपा)
विजय कुमार चौधरी (जेडीयू)
विजेन्द्र प्रसाद यादव (जेडीयू)
श्रवण कुमार (जेडीयू)
संतोष कुमार सुमन (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा)
सुमित कुमार सिंह (निर्दलीय)
