Bihar News: कोसी के अभिशाप से मुक्त हुई सहरसा, जानें किन प्रोजेक्ट से और बहुरेंगे आने वाले दिन

Bihar News: कोसी के बाढ़ पीड़ित इलाके सहरसा में यातायात गंभीर समस्या रहा है. बरसात के दिनों में पूरा जिला बाढ़ के पानी से घिर जाता था. इस कारण जिले से बाहर निकलना मुमकिन नहीं होता था. जिले के अंदर भी लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में नाव का सहारा लेना पड़ता था.

Bihar News: कोसी के बाढ़ पीड़ित इलाके सहरसा में यातायात गंभीर समस्या रहा है. बारिश के दिनों में पूरा जिला बाढ़ के पानी से घिर जाता था. इस कारण जिले से बाहर निकलना मुमकिन नहीं होता था. जिले के अंदर भी लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में नाव का सहारा लेना पड़ता था. बाढ़ के कारण मुख्य सड़कें एवं रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो जाते थे. वहीं पहले जिले से बाहर राजधानी पटना के लिए सिर्फ एक मार्ग था, लेकिन आज यातायात सुगम हुआ है. खासकर सड़क यातायात के मामले में जिला समृद्ध हो रहा है. जिसमें एनएच-107 का अहम योगदान है. वहीं बुरी हालत वाले एनएच को टू लेन बनाने का काम जारी है, जो इस साल पूरी हो सकती है. इससे व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी और जिले का विकास होगा.

बलुआहा पुल से जुड़ा मिथिलांचल

महिषी प्रखंड के बलुआहा में करोड़ों की लागत से कोसी नदी पर बने पुल के कारण दशकों से दो भाग में बंटा मिथिलांचल एक हो चुका है. बता दें कि यहां लोगों की आवाजाही बढ़ी है. साथ ही व्यवसाय के नए श्रोत बढ़े हैं. वहीं लंबी दूरी काफी कम हुई है. साथ ही जिले को दूसरी लाइफ लाइन सड़क भी मिली है. इस रास्ते से कम समय में राजधानी पटना पहुंचा जा सकता है. साथ ही कोसी की वजह से बाढ़ पीड़ित स्थानीय निवासियों को भी रोजगार के नये अवसर मिले हैं.

अंतिम चरण में जमीन अधिग्रहण का कार्य

सुपौल जिले के बकौर में कोसी नदी पर पुल के रास्ते फोर लेन आस्था सर्किट सड़क को जिले के महिषी प्रखंड स्थित मां तारा स्थान से जोड़ा जा रहा है. यह सड़क भी जिले की लाइफ लाइन होगी. इसके लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में है. जल्द ही इस सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है. यह फोर लेन के जरिए सड़क से देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचना आसान होगा. साथ ही पर्यटकों के कोसी के क्षेत्र में आने की रफ्तार बढ़ेगी. इससे कोसी को काफी फायदा होगा.

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रोजगार के साधन में इजाफा

सुपौल जिले के हरदी चौघरा से सहरसा होते हुए मानसी तक सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है. इस सड़क के निर्माण को लेकर टेंडर भी फाइनल किया जा चुका है. इस सड़क के बन जाने से सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ, कोपरिया के ग्रामीण क्षेत्र के लोग सड़क से भी जुड़ जायेंगे. फिलहाल, इनके लिए एकमात्र सफर का साधन रेल ही है. वहीं सड़क से जुड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों का भी विकास होगा और रोजगार के साधन बढ़ेंगे.

कोसी महासेतु से बढ़ी विकास की संभावना

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विभक्त कोसी को जोड़ने के लिए सरायगढ़ के निकट कोसी पर रेल सह सड़क महासेतु की स्वीकृति दी थी, जो आज बनकर पूरी तरह तैयार हो गयी है. रेल परिचालन शुरू होने से लोगों की गतिविधि में भी बढ़ोतरी हुई है. इस मार्ग के शुरू होने से रेल की सुविधा बढ़ी है. लोगों की यात्रा सुगम हुई है. सड़क यातायात शुरू होने से व्यावसायिक गतिविधियाों में और इजाफा होगा.

Published By: Sakshi Shiva

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