बिहार पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के ठेकही गांव से पुलिस ने पूर्व मुखिया उमेश यादव को गिरफ्तार किया है. उसके ऊपर कई गंभीर आरोप हैं. पुलिस ने उसके भाई ब्रह्मदेव यादव को भी हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस के फाइलों में दोनों मोस्ट वांटेड अपराधी है.एसटीएफ की टीम ने पटना से गया पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में फतेहपुर की पुलिस अभी कुछ भी बताने से इंकार कर रही है.
गया पुलिस की टॉप-टेन अपराधियों की लिस्ट में था शामिल
मालूम हो कि उमेश यादव पर फतेहपुर व टनकुप्पा थाने में हत्या, मारपीट सहित अन्य मामलों में प्राथमिकी दर्ज है. गया जिले की पुलिस ने उसे टॉप-टेन अपराधियों की सूची में रखा था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा था. लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली थी. वह हर बार बच निकलता था. वहीं बुधवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि वह अपने गांव में है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घर के बगल में उमेश यादव और उसका भाई छिपे हुए थे. वहीं एसटीएफ को देखकर उसने भागने का प्रयास तो किया, लेकिन एसटीएफ की टीम ने उसे दबोच लिया. उसके पास से रिवाल्वर व सात कारतूस व एक प्रयोग किया हुआ कारतूस बरामद किया गया. टीम को उसके पास से एक मोबाइल फोन व कुछ नगद रुपये भी बरामद किये हैं.
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10 वर्षों तक पति-पत्नी रहे मुखिया
उमेश यादव उर्फ उमेश पहलवान व उसकी पत्नी 2001 से 2011 बहसा पिपरा पंचायत के मुखिया रहे. उसके परिवार पर क्षेत्र में दंबगई का कई बार आरोप लग चुका है. वहीं बीते साल टनकुप्पा में एक हत्या के मामले में उसके पुत्र एवं भाइयों पर केस दर्ज हुआ था. इसके अलावा फतेहपुर थाने में मारपीट, रंगदारी एवं आर्म्स एक्ट के चार मामले दर्ज हैं. गया पुलिस बहुत समय से उसके तलाश में थी.
