Bihar News: बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है. जीविका और पीरामल फाउंडेशन फॉर एजुकेशन लीडरशिप के बीच हुए समझौते के तहत पटना में ‘जीविका दीदी की आवाज केंद्र’ की स्थापना की जाएगी.
यह केंद्र चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय परिसर में बनाया जाएगा, जहां राज्यभर के दीदी अधिकार केंद्रों से आने वाली शिकायतों और समस्याओं को सुना और उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
फोन कॉल पर सुनी जाएंगी शिकायतें
इस केंद्र की सबसे बड़ी खासियत इसका संचालन मॉडल होगा. इसे प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम संचालित करेगी, जो तकनीक और संवेदनशीलता के साथ जीविका दीदियों की समस्याओं को सुनेगी और उनका समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी. राज्यभर में संचालित ‘दीदी अधिकार केंद्रों’ से आने वाली शिकायतों को इस आवाज केंद्र के माध्यम से दर्ज किया जाएगा.
चाहे मामला वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हो, सरकारी योजनाओं में परेशानी का हो या सामाजिक अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायत, हर समस्या को यहां फोन कॉल के जरिए सुना जाएगा.
शिकायतों की होगी नियमित मॉनिटरिंग
सिर्फ शिकायत दर्ज करने तक ही यह केंद्र सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर मामले की नियमित निगरानी भी की जाएगी. प्रत्येक शिकायत या समस्या के समाधान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की कोशिश की जाएगी. इससे जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को अपनी समस्याएं रखने और उनके समाधान तक पहुंचने का एक भरोसेमंद मंच मिलेगा.
विश्वविद्यालय और फाउंडेशन के साथ समन्वय से होगा संचालन
‘जीविका दीदी की आवाज केंद्र’ का संचालन चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और पीरामल फाउंडेशन के समन्वय से किया जाएगा. दोनों संस्थाएं मिलकर इस केंद्र के संचालन, प्रशिक्षण और शिकायत निवारण की पूरी प्रक्रिया को मजबूत बनाएंगी.
अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को ऐसा मंच देना है, जहां वे बिना झिझक अपनी समस्याएं रख सकें. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए यह केंद्र मदद का अहम माध्यम साबित हो सकता है.
