Bihar News : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के नए भवन का जायजा लिया. सीएम ने कलेक्ट्रेट घाट से सभ्यता द्वार तक एक नई और आधुनिक सड़क के निर्माण को जल्द पूरा करने का सख्त निर्देश दिया.
यह सड़क न केवल छठ व्रतियों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि सुबह की सैर करने वालों के लिए भी पटना का सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनने जा रही है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही कलेक्ट्रेट घाट की भव्यता में चार चांद लग जाएंगे.
गंगा किनारे बनेगी ‘सुविधा वाली सड़क’
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कलेक्ट्रेट घाट का मुआयना करते हुए कहा कि इस नई सड़क के बन जाने से लोगों को आवागमन में अभूतपूर्व सहूलियत होगी. खासकर महापर्व छठ के दौरान व्रतियों को घाट तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होगी.
यह इलाका अब शहर के ‘हेल्थ हब’ के रूप में विकसित होगा, जहां लोग गंगा की हवाओं के बीच मॉर्निंग वॉक कर सकेंगे. सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और गति दोनों का ध्यान रखा जाए ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके.
कलेक्टेरियट भवन में आधुनिक सुविधाओं का जायजा
पटना का नया कलेक्टेरियट भवन अब किसी कॉर्पोरेट ऑफिस से कम नहीं लग रहा है. 632 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर में आधुनिक सुविधाओं की भरमार है. मुख्यमंत्री ने भवन के पांचवें तल्ले पर स्थित मीटिंग हॉल, डीडीसी कार्यालय और सदर एसडीओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया.
हाईकोर्ट के निर्देश पर पुराने कलेक्टेरियट के ऐतिहासिक स्तंभों को यहां प्रदर्शित किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को पटना के हेरिटेज से रूबरू कराएंगे. यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 400 से ज्यादा वाहनों की पार्किंग जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं.
डबल डेकर पुल पर भी सख्त निर्देश
पटना के ट्रैफिक लोड को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने डबल डेकर पुल और एसएसपी कार्यालय के निर्माण को भी तेज करने का निर्देश दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ तालमेल बिठाकर इन परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए.
इस निरीक्षण के दौरान सीएम के साथ प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि और जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे.
Also Read: 2014 में होना था पूरा, 2026 में भी काम बाकी, कब खत्म होगा वाराणसी-औरंगाबाद सिक्सलेन का इंतजार
