महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर नहीं बनी सहमति, कांग्रेस को खास पल का इंजतार

नयी दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के तालमेल के संदर्भ में महागठबंधन के घटक दलों के बीच चल रही बातचीत की पृष्ठभूमि में कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि पार्टी निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रमों पर आधिकारिक रूप से फैसला किए जाने के बाद ही सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के पक्ष में है. पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि अभी घटक दलों के साथ सीटों की संख्या को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है, हालांकि कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले कहीं ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पिछली बार कांग्रेस 41 सीटों पर लड़ी थी और उसे 27 पर जीत हासिल हुई थी.

नयी दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के तालमेल के संदर्भ में महागठबंधन के घटक दलों के बीच चल रही बातचीत की पृष्ठभूमि में कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि पार्टी निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रमों पर आधिकारिक रूप से फैसला किए जाने के बाद ही सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के पक्ष में है. पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि अभी घटक दलों के साथ सीटों की संख्या को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है, हालांकि कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले कहीं ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पिछली बार कांग्रेस 41 सीटों पर लड़ी थी और उसे 27 पर जीत हासिल हुई थी.

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पहली बात यह है कि हम गठबंधन में ज्यादा से ज्यादा दलों को समाहित करना चाहते हैं. ऐसे में बातचीत की प्रक्रिया अभी चलती रहेगी.” यह पूछे जाने पर कि क्या सीट बंटवारे को जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि चुनाव आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रमों को लेकर कोई अंतिम निर्णय किए जाने के बाद ही सीटों के तालमेल को अंतिम रूप दिया जा सकेगा.”

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर चुनाव छह महीने के लिए टल जाता है तो फिर अभी से सीटें तय करके क्या होगा? ऐसी स्थिति में हमें तत्कालीन परिस्थिति के हिसाब से रणनीति बनानी होगी.” गौरतलब है कि बिहार के ज्यादातर विपक्षी दल कोरोना वायरस और बाढ़ के संकट के कारण विधानसभा चुनाव स्थगित करने की मांग कर रहे हैं, हालांकि निर्वाचन आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चुनाव समय पर होने की संभावना है.

महागठबंधन में सीटों के तालमेल को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है. पूर्व मुख्यममंत्री जीतन राम मांझी के नाराज होने की भी खबरें हैं. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ नेताओं ने हाल ही में खुलकर कहा है कि कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है और उसे पिछली बार से कहीं ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए.

इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘यह तय है कि कांग्रेस पिछली बार से ज्यादा सीटें लड़ेगी. कितनी सीटों पर लड़ेगी, इस बारे में कोई भी फैसला राजद और दूसरे सहयोगियों के साथ बातचीत के बाद होगा.” महागठबंधन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा), मांझी की हिंदुस्तान अवामी मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी हैं. बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है.

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