2030 तक सेमीकंडक्टर हब बनेगा बिहार, 589 किमी एक्सप्रेसवे भी बनेगा, सम्राट चौधरी ने बताया पूरा प्लान

Bihar Development Roadmap: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार सरकार ने राज्य के विकास का बड़ा रोडमैप पेश किया है. 2030 तक बिहार को सेमीकंडक्टर हब बनाने, 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप बसाने और 5 लाख करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा बिजली, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलावों का ऐलान हुआ.

Bihar Development Roadmap: स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास का बड़ा रोडमैप सामने रखा. उन्होंने कानून-व्यवस्था, उद्योग, बिजली, सड़क, शहर, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी कई योजनाओं की जानकारी दी. सरकार का लक्ष्य 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 2030 तक सेमीकंडक्टर हब और 2027 तक 25 लाख घरों में सोलर पहुंचाना है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सुरक्षित और शांत बिहार विकास के लिए जरूरी है. सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. पुलिस को आधुनिक बनाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.

1833 इमरजेंसी वाहन दे रहे तुरंत मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमर्जेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम यानी ERSS के तहत राज्य में 1833 आपातकालीन वाहन चल रहे हैं. इनकी मदद से औसतन 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड, हाईवे पेट्रोलिंग, आपदा राहत और महिला-बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की बड़ी प्राथमिकता है. बिहार सुरक्षित सफर सुविधा योजना शुरू करने वाला देश का तीसरा राज्य है.

उन्होंने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में अभया ब्रिगेड बनाई गई है. अब तक 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क शुरू किए गए हैं. ये हेल्प डेस्क 24 घंटे काम कर रहे हैं. पुलिस बल को मजबूत करने के लिए नई भर्ती और ट्रेनिंग का काम भी चल रहा है. महिलाओं की सुरक्षा में मदद करने वाली पुलिस दीदी को स्कूटी देने का फैसला भी लिया गया है.

बिहार का 2026-27 बजट 3.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 590 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है. इसमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती, रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया है. उन्होंने कहा कि 2026-27 में जून तक राज्य के कुल राजस्व संग्रह में 16.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इसे जीएसटी से होने वाली आय में बेहतर प्रदर्शन से जोड़कर देखा गया.

2030 तक सेमीकंडक्टर हब बनाने का लक्ष्य

बिहार में उद्योग बढ़ाने के लिए नई नीतियां लाई गई हैं. सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 में बदलाव और विस्तार किया है. इसके साथ बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2026 भी शुरू की गई है. इसका लक्ष्य 2030 तक बिहार को सेमीकंडक्टर से जुड़े उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है.

राज्य में 100 से ज्यादा इंडस्ट्रियल एरिया हैं और करीब 10 हजार एकड़ इंडस्ट्रियल जमीन उपलब्ध है. इंडस्ट्री के लिए तैयार शेड, ड्राई पोर्ट और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. हर जिले में इंडस्ट्रियल एरिया बनाने के लिए 14600 एकड़ नई इंडस्ट्रियल जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है.

मुख्यमंत्री ने बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य बताया. उन्होंने बाहर रह रहे बिहारियों से भी अपील की कि वे अपने अनुभव और पूंजी का इस्तेमाल राज्य के विकास में करें.

बिहार में बिजली की मांग 9475 मेगावाट तक पहुंची

एनर्जी क्षेत्र की उपलब्धियां बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब 9475 मेगावाट तक की अधिकतम बिजली मांग पूरी कर चुका है. पहले राज्य में बिजली की खपत करीब 350 मेगावाट थी. प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 4 लाख 83 हजार बीपीएल परिवारों के घरों की छत पर मुफ्त रूफटॉप सोलर लगाए जा रहे हैं. सरकार ने 2027 तक 25 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात भी कही गई.

बिहार में बनेंगे 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप

शहरों को बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए बिहार में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का फैसला लिया गया है. इनमें पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूरनदेवी, मुंगेर में अंग, मुजफ्फरपुर में तिरहुत, छपरा में सारण, भागलपुर में विक्रमशिला, सीतामढ़ी में सीतापुरम और डेहरी में सैटेलाइट सिटी शामिल हैं.

इन शहरों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. यहां सड़क, बिजली, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. इन सैटेलाइट टाउनशिप के लिए एक लाख करोड़ रुपये के लंबे समय के वित्तपोषण को लेकर HUDCO के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है.

589 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में पांच एक्सप्रेस-वे और छह हाई-स्पीड कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है. इनमें करीब 589 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं. इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने और यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है.

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ऑनलाइन पढ़ाई और कोचिंग पर भी जोर

शिक्षा के क्षेत्र में बिहार स्कूल लाइव क्लासेज और ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत की गई है. इसका उद्देश्य लाखों विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देना है. सरकार का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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