बिहारः गोपालगंज में डरा रहा डेंगू, मरीजों के इलाज में कागजी खानापूर्ति कर रहा विभाग

बिहार के गोपालगंज में रोज 20 से 25 मरीज मिल रहे हैं. लेकिन, सदर अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं हैं. स्वास्थ्य विभाग डेंगू की आंकड़ों को छुपा रहा विभाग. जबकि गोपालगंज से प्रतिदिन मरीज गोरखपुर व पटना रेफर हो रहे हैं

बिहार के गोपालगंज में डेंगू अब डराने लगा है. जिला के महम्मदपुर थाने के फतेहपुर गांव की रहने वाले सुनील राय की बेटी रानी कुमारी पांच वर्ष को सिधवलिया अस्पताल से रेफर सदर अस्पताल किया गया था. उसे तेज बुखार व डेंगू के लक्षण थे. परिजनों के पास पैसा नहीं था कि प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए जा सके. सदर अस्पताल में आने के साथ ही डॉक्टरों ने हाइयर सेंटर रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया. यह केस तो नमूना मात्र है. रोज ऐसे लक्षण वाले मारीजों को डॉक्टर रेफर कर दे रहे. जबकि सदर अस्पताल में प्रतिदिन पांच सौ मरीजों में दो सौ से अधिक वायरल बुखार वाले आ रहे जिसमें 20-25 मरीजों में डेंगू के लक्षण दिख रहे. जबकि प्राइवेट क्लिनिकों में भी 12 सौ से अधिक मरीज आ रहे जिसमें 50 से 60 लोगों में डेंगू की लक्षण मिल रहे.

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24 घंटे में सात मरीज मिले

पिछले 24 घंटे में सात मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला. जिनको गोरखपुर व पटना इलाज के लिए भेजा गया है. उधर, डेंगू की इलाज का भरपुर इंतजाम होने का दावा करना वाले सदर अस्पताल में प्लेटलेट्स, प्लाजमा चढ़ाने तक का इंतजाम नहीं है. इलाज के नाम पर 10 वेड का वार्ड बना दिया गया है. लेकिन एक भी मरीज को उस वार्ड में इलाज नहीं किया गया है. कि सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में बुखार व वायरल बुखार के मरीजों की भीड़ है. उसी प्रकार पैथालॉजी में खून की जांच कराने और ब्लड बैंकों से प्लेटलेट्स की जांच कराने वालों की लाइन लंबी है. जांच कराने वालों में डेंगू के लक्षण हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा मानने को तैयार नहीं है. डेंगू के आंकड़े भी स्वास्थ्य महकमा छिपा रहा है.

स्वास्थ्य विभाग के पास 20 पॉजीटिव मरीजों का डाटा

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करे तो 220 लोगों की जांच में ं20 लोगों में डेंगू की पुष्टि की गयी है. जबकि मौत के आंकड़े जीरो है. कटेया के दुहौना में मौत डेंगू से हुई. गोरखपुर में हुई मौत को मानने को विभाग तैयार नहीं है.

निजी अस्पताल, ब्लड बैंक नहीं दे रहे सही जानकारी

शहर में निजी अस्पतालों में चलने वाले ब्लड बैंक के साथ ही निजी पैथोलॉजी को भी हर दिन होने वाली जांच, रिपोर्ट की जानकारी देनी है. लेकिन जिस तरह से आंकड़े सामने आ रहे हैं, उससे यह नहीं लग रहा कि स्वास्थ्य विभाग को सही जानकारी मिल पा रही. ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर दिन तीन से चार लोगों के डेंगू पीड़ित होने की जानकारी दी जा रही है.

आशा घर-घर जाकर जुटा रही बुखार की डाटा: सीएस

सिविल सर्जन डॉ बीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर हाइ अलर्ट मोड में है. आशा घर-घर जाकर वायरल बुखार की जानकारी जुटा रही है. सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच का इंतजाम है. मरीज के आने पर इलाज हम करेंगे.

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Published by: Rajeshkumar ojha

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