Bihar Land Registry New Rule: बिहार सरकार जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था शुरू करने वाली है. अब कोई भी व्यक्ति जमीन खरीदने से पहले अंचलाधिकारी यानी CO से उस जमीन की पूरी जानकारी ले सकेगा. इससे खरीदार को पहले ही पता चल जाएगा कि जिस जमीन को वह खरीदने जा रहा है, उसकी असली स्थिति क्या है.
सरकार की यह नई सुविधा फिलहाल वैकल्पिक तौर पर 15 मई से लागू की जाएगी. यानी खरीदार चाहे तो रजिस्ट्री से पहले जमीन की जांच करवा सकता है. इस संबंध में उपनिबंधन महानिरीक्षक की ओर से सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजा गया है, ताकि इस प्रक्रिया को सही तरीके से लागू किया जा सके.
अभी की व्यवस्था में कई बार बाद में पता चलती है गड़बड़ी
अब तक जमीन रजिस्ट्री की जो प्रक्रिया चल रही थी, उसमें मुख्य रूप से सिर्फ जमीन मालिक और रैयत के बीच संबंध की जानकारी देखी जाती थी. जमीन की वर्तमान स्थिति, असली मालिकाना हक या जमीन पर पहले से किसी विवाद की पूरी जानकारी साफ नहीं मिल पाती थी.
इसी वजह से कई लोग जमीन खरीदने के बाद परेशानी में फंस जाते थे. बाद में पता चलता था कि जमीन पहले से बेची जा चुकी है, सरकारी जमीन है, उस पर कर्ज है या मुआवजा लिया जा चुका है.
नई व्यवस्था से क्या-क्या पता चलेगा
नई प्रक्रिया के तहत खरीदार को जमीन की मौजूदा स्थिति की सारी जानकारी मिल सकेगी. इसमें यह साफ होगा कि जमीन का असली मालिक कौन है, जमीन सरकारी है या निजी, पहले इसकी बिक्री हुई है या नहीं, उस पर किसी तरह का कर्ज है या नहीं, किसी सरकारी योजना में मुआवजा लिया गया है या नहीं.
इसके साथ ही यह भी पता चलेगा कि जमीन पर वास्तविक कब्जा किसका है और वहां शांति पूर्ण दखल है या नहीं. यानी जमीन से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां पहले ही सामने आ जाएंगी.
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भूमि विवाद और फर्जी दस्तावेजों पर लगेगी रोक
इस नई व्यवस्था से लोगों को धोखाधड़ी, फर्जी कागजात और जमीन विवाद जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलेगी. कई बार लोग गलत जानकारी देकर जमीन बेच देते हैं, जिससे खरीदार को बाद में कानूनी परेशानी होती है. अब ऐसी घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है.
जमीन खरीदना आम आदमी के लिए बड़ा निवेश होता है. ऐसे में बिना पूरी जानकारी के जमीन खरीदना जोखिम भरा साबित हो सकता है. बिहार सरकार की यह नई व्यवस्था लोगों को सुरक्षित खरीदारी का मौका देगी और जमीन रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज जैसी प्रक्रियाओं में भी परेशानी कम होगी.
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