Bihar News:(कैफ अहमद की रिपोर्ट) परिवहन विभाग ने 18 जनवरी 2026 को आदेश जारी किया था. आदेश में नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर ई-रिक्शा के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी. इसके बावजूद जिले में नियमों का पालन नहीं हो रहा है. नियम के बावजूद जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है. आज भी बड़ी संख्या में ई-रिक्शा हाईवे पर दौड़ते नजर आ रहे हैं.
हादसों का खतरा बढ़ा
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर भारी वाहनों के बीच ई-रिक्शा चलना खतरनाक साबित हो रहा है. ई-रिक्शा की रफ्तार कम होती है. सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर होती है. ऐसे में हादसे का खतरा लगातार बना रहता है. आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में चालक और यात्री घायल हो रहे हैं. कई लोगों की जान भी जा चुकी है.
कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल
लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की मौजूदगी के बावजूद ई-रिक्शा खुलेआम हाईवे पर चलते हैं. दिनभर चौक-चौराहों और बाजारों के पास ई-रिक्शा यात्रियों को ढोते दिखाई देते हैं. इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.
चांद सराय गांव के पास हुआ हादसा
हाल ही में महिसौर थाना क्षेत्र के चांद सराय गांव के पास बड़ा हादसा हुआ. देर रात एक तेज रफ्तार ट्रक ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी. हादसे में ई-रिक्शा चालक अजीत कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक जंदाहा थाना क्षेत्र के अरनिया गांव का रहने वाला था. बताया गया कि वह अपने ससुराल जा रहा था. तभी हादसा हो गया.
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर ई-रिक्शा बेहद असुरक्षित हैं. भारी वाहनों की तेज रफ्तार के बीच छोटी सी गलती भी बड़ा हादसा बन सकती है. इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं होना चिंता का विषय है.
लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग से हाईवे पर ई-रिक्शा के परिचालन पर सख्त रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि नियमित जांच अभियान चलाकर नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि हादसों पर रोक लग सके.
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