Bihar Traffic New Rule: बिहार के सभी 38 जिला मुख्यालयों में जाम की समस्या से निपटने के लिए परिवहन विभाग ने नई कार्ययोजना तैयार की है. अब शहरी इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन मनमाने तरीके से नहीं होगा. इनके लिए जोन और रूट तय किए जाएंगे. वाहनों की पहचान कलर कोड से होगी.
राज्य में करीब 6 लाख ऑटो और ई-रिक्शा हैं. इन सभी को निर्धारित जोन और रूट के हिसाब से चलाने की तैयारी है. योजना को अगले दो से तीन महीनों में पूरे राज्य में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है.
कलर कोड से होगी वाहनों की पहचान
नई व्यवस्था में हर जोन और रूट के लिए अलग कलर कोड निर्धारित किया जाएगा. वाहनों पर रूट नंबर भी अंकित होगा. इससे यह साफ रहेगा कि कौन सा ऑटो या ई-रिक्शा किस इलाके और रूट पर चलने के लिए अधिकृत है.
परिवहन विभाग सड़कों की क्षमता का भी आकलन करेगा. इसके आधार पर हर जिले में वाहनों की संख्या और उनके रूट तय किए जाएंगे. इससे एक ही सड़क पर जरूरत से ज्यादा ऑटो और ई-रिक्शा के पहुंचने की समस्या कम होगी.
हर वाहन पर लगेगा विशेष क्यूआर कोड
नई व्यवस्था में ऑटो और ई-रिक्शा पर विशेष क्यूआर कोड लगाया जाएगा. इसे स्कैन करने पर वाहन और चालक से जुड़ी जरूरी जानकारी सामने आ जाएगी.
इसमें चालक और वाहन मालिक का विवरण, स्वीकृत रूट, ट्रैफिक एसपी कार्यालय और संबंधित थाने की जानकारी शामिल होगी. इससे वाहन की पहचान और निगरानी आसान होगी.
पटना में जल्द शुरू होगा पोर्टल और मोबाइल एप
पटना शहर में जोन के हिसाब से ऑटो और ई-रिक्शा चलाने की व्यवस्था जल्द लागू होगी. इसके लिए परिवहन विभाग समर्पित पोर्टल और मोबाइल एप लॉन्च करने की तैयारी में है.
इसके जरिए चालक और वाहन मालिक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. पटना डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल के अनुसार, पटना में कलर कोड, जोन और रूट पहले ही निर्धारित किए जा चुके हैं.
आवेदन ज्यादा आए तो लॉटरी से होगा चयन
ऑटो चालकों से परिचालन के लिए आवेदन लिए जाएंगे. आवेदनों की समीक्षा के बाद सक्षम प्राधिकार अंतिम फैसला लेगा. अगर किसी जोन या रूट के लिए तय संख्या से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो लॉटरी के जरिए चयन किया जाएगा. ऐसे ऑटो या ई-रिक्शा मालिकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो खुद वाहन चलाते हैं और उनके पास वैध ऑटो परमिट है.
पटना में इन जगहों पर लगता है ज्यादा जाम
पटना के कई प्रमुख इलाकों में रोजाना जाम की समस्या रहती है. इनमें बोरिंग रोड चौराहा, बेली रोड रुकनपुर, पाटलिपुत्र साई मंदिर, अनीसाबाद गोलंबर और फुलवारी गोलंबर शामिल हैं.
इसके अलावा फुलवारी टमटम पड़ाव, अशोक राजपथ, कंकड़बाग ऑटो स्टैंड, खेतान मार्केट, आईजीआईएमएस, राजापुर पुल, पटना जंक्शन गोलंबर, करगिल चौक और जीरो माइल भी जाम वाले प्रमुख इलाके हैं.
बाइपास जगनपुरा, जीपीओ गोलंबर और राजीव नगर अटल पथ फ्लाइओवर के नीचे भी अक्सर वाहनों का दबाव रहता है.
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जाम के साथ प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
परिवहन विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से शहरों में ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन व्यवस्थित होगा. इससे जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी.
वाहनों के तय रूट पर चलने से अनावश्यक आवाजाही भी कम होगी. इससे वाहन जनित प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है. साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा में क्षमता के अनुसार यात्रियों को बैठाने की व्यवस्था भी बेहतर होगी.
सभी जिलों में लागू करने की तैयारी
परिवहन विभाग ने सभी जिलों में कलर कोड, रूट और जोन के आधार पर ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन की व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया है. पटना में इसे जल्द लागू किया जाएगा. दूसरे जिलों में भी इसकी तैयारी चल रही है.
परिवहन विभाग के आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि सभी जिलों में ऑटो और ई-रिक्शा के व्यवस्थित परिचालन की दिशा में काम किया जा रहा है. पटना में यह व्यवस्था जल्द धरातल पर उतरेगी.
