Bihar Mining Department: बिहार के भोजपुर जिले में बालू घाट चलाने वाले ठेकेदारों की मनमानी पर अब प्रशासन ने लगाम कसने की पूरी तैयारी कर ली है. जिले के लगभग एक दर्जन बालू घाट संचालकों ने सरकारी खजाने में करीब 15 करोड़ रुपये का रजिस्ट्रेशन फीस जमा नहीं किया है. इसे फाइनेंसियल इंडिसिप्लिन मानते हुए विभाग ने अब निर्णायक कार्रवाई का मन बना लिया है.
15 मार्च है आखिरी तारीख
जिला अवर निबंधक (DSR) तारकेश्वर पांडेय ने कहा है कि बकायेदार ठेकेदारों को दो बार पहले ही नोटिस दिया जा चुका था. उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया. अब तीसरी और आखिरी नोटिस जारी की गई है. अगर 15 मार्च तक बकाया राशि जमा नहीं की गई तो इन घाटों को सील किया जाएगा और खनन विभाग की मदद से इनका संचालन भी पूरी तरह रोक दिया जाएगा.
किन-किन घाटों पर है खतरा?
प्रशासन की इस रडार पर जिले के कई बड़े घाट शामिल हैं. इनमें घाट संख्या 12, 21, 31, 36, 32B, 27B, 43A (B और C) और 26A के नाम हैं. इन घाटों के ठेकेदारों में कुणाल आहूजा, शशि कपूर प्रसाद, धर्मराज यादव, सोनू कुमार, रानी तिवारी और रोहित कुमार शामिल हैं. इन्हें विभाग ने अल्टीमेटम थमाया है. ये घाट सहार, संदेश, बड़हरा और आरा के इलाकों में स्थित हैं.
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राजस्व वसूली की बड़ी चुनौती
भोजपुर में कुल 32 बालू घाट हैं, जिनमें से 20 संचालकों ने ईमानदारी दिखाते हुए लगभग 25 करोड़ रुपये का राजस्व जमा कर दिया है. विभाग का कहना है कि नियम मानने वाले ठेकेदारों के साथ कोई ज्यादती नहीं होगी, लेकिन जो लोग सरकारी पैसे को दबाकर बैठे हैं. उन्हें किसी भी कीमत पर रियायत नहीं दी जाएगी.
मार्च का महीना फाइनेंशियल ईयर खत्म होने का समय है. इसलिए प्रशासन हर हाल में वसूली पूरी करना चाहता है. इस कदम से अन्य ठेकेदारों को भी कड़ा संदेश जाएगा कि सरकारी नियमों के साथ खिलवाड़ करना अब महंगा पड़ेगा.
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