घंटों बाधित रही बिजली
आरा : बरसात के पहले ही आये आंधी-पानी से पूरे जिले में तबाही मच गयी. वहीं आरा नगर भी आंधी व पानी के प्रहार से रू-ब-रू हुआ. नगर के सभी सड़क लगभग जलमग्न की स्थिति में आ गयी. हर सड़क पर पानी दिखाई दे रहा था. इस दौरान आयी तेज आंधी के कारण कई जगह कई पेड़ उखड़ गये तथा सड़क पर गिर गये. इस कारण यातायात को भी काफी परेशानी हुई. लगभग 12 बजे तेज आंधी आयी तथा इसके थोड़ी देर बाद मूसलधार बारिश शुरू हो गयी.
हालांकि बारिश महज आधा घंटा ही हुई, पर इतने में ही सड़कों की दुर्दशा हो गयी और हर जगह पानी सड़कों पर पसर गया. इससे नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गयी. नगर निगम द्वारा नगर की किसी नाली की बरसात के पहले उड़ाही नहीं की गयी है. इससे सभी मुख्य नालों सहित अन्य नालियां भी जाम हो गयी. थोड़ी वर्षा में हालात ऐसा है, तो बरसात में नगर की क्या स्थिति बनेगी. यह नगरवासियों के लिए चिंता का विषय बन गयी है. सड़कों पर पसरे पानी के कारण वाहन चालक सहित पैदल यात्री भी कम पानी वाले सड़क की तलाश करते रहे, ताकि पानी से पाला नहीं पड़े. पर लोगों को निराशा ही हाथ लगी. हर सड़कें पानी से लबालब भरी हुई थी. वहीं आंधी से भी भारी तबाही हुई. कई पेड़ उखड़ गये, तो कई घरों में लगे कराकट उखड़ गये. हर जगह परेशानी का ही आलम था.
तेज आंधी से उखड़े पेड़ व घरों में लगे कर्कट : अचानक आयी तेज आंधी से नगर सहित जिले के कई पेड़ उखड़ गये. उखड़ने के बाद कई पेड़ सड़क पर गिर गये, तो कई पेड़ खेतों में गिर पड़े. इससे यातायात व्यवस्था में काफी खलल पड़ा. सड़क पर पेड़ गिरने के कारण कई वाहन चालकों को मजबूरी में अपना रास्ता बदलना पड़ा और दूसरी सड़क के माध्यम से गंतव्य स्थल पर जाना पड़ा. वहीं तेज आंधी के कारण आसमान में धूल उड़ने से अंधेरा छा गया. इस कारण भी लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई. धूल से वाहनचालकों कोभी वाहन चलाने में काफी परेशानी हो रही थी. इस कारण वाहन चालक धीमी गति में दुर्घटना से बचने के लिए वाहन चलाते नजर आये.
तेज आंधी के कारण कई घरों में लगे कर्कट भी उखड़ गये. वहीं कई झुग्गी-झोंपड़ी भी उजड़ गये. इससे गरीबों सहित सभी लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा तथा इससे लोगों को काफी आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ी.
बिजली आपूर्ति घंटों रही बाधित
तेज आंधी के कारण नगर सहित जिले में बिजली आपूर्ति में काफी व्यवधान हुआ. बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही. इस कारण लोग गरमी से परेशान रहे. वहीं पानी की भी काफी किल्लत रही.
बिजली के अभाव में लोग मोटर नहीं चला पाये और पानी नहीं भर पाये. वहीं घरों में लगे फ्रीज भी नहीं चल पा रहे थे. इससे लोगों के कई खाद्य पदार्थ खराब हो गये. वहीं इससे व्यवसायियों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा. सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों सहित शिक्षण संस्थानों में भी बिजली के अभाव में काफी परेशानी हुई.
जलजमाव बनी परेशानी का सबब : मूसलधार बारिश से नगर के सभी सड़क जलमग्न हो गये. हर जगह सड़कों पर पानी दिखाई दे रहा था. इतना ही नहीं, नालियों के ओवर फ्लो होने से गंदी पानी भी सड़कों पर बह रहा था. इससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही थी.
वाहनचालक तो किसी तरह पार हो जा रहे थे, पर पैदल यात्रियों के लिए यह चुनौती की घड़ी बन गयी थी. कई सरकारी संस्थानों के गेट पर एक से डेढ़ फुट पानी लगा हुआ था. सदर अस्पताल, प्रखंड कार्यालय, समाहरणालय, अनुमंडल कार्यालय परिसर में भी जलजमाव का नजारा देखने को मिल रहा था. सभी नालियां ओवर फ्लो हो रही थीं. वहीं सभी मुहल्लों की सड़कें भी पानी से डूबी हुई थी. इतना ही नहीं, नगर के निचले इलाके चौधरियाना सहित कई मुहल्लों के लोगों के घरों में भी पानी घुस गया था. घर से पानी निकालने के लिए लोग काफी परेशान दिखे.
खुली निगम की सफाई व्यवस्था की पोल
थोड़ी सी पानी में नगर की सड़कों का जलमग्न होना नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है. गत वर्ष तक निगम द्वारा बरसात से पहले कमोवेश हर नालियों की उड़ाही की जाती थी, ताकि बरसात में नालियां साफ रहे और जलजमाव की स्थिति नहीं बन पाये, जिससे नगरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़े. पर इस बार नगर निगम प्रशासन की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर की एक भी नाली की उड़ाही अब तक नहीं करायी गयी. नगरवासियों की सुविधा के प्रति नगर निगम की उदासीनता से नगरवासी खासा नाराज हैं और यह बात नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है.
जबकि सफाई पर नगर निगम लाखों रुपये की राशि व्यय करता है. पर नालियां जाम ही रहती है. इस सच के बारे में नगर निगम ही बता सकता है. नगरवासियों से लाखों का टैक्स वसूलने के बावजूद सुविधाएं नहीं दिया जाना लापरवाही का पराकाष्ठा है.
