बिलबिला उठे स्कूली बच्चे
कई प्रमुख मार्गों पर पांच किमी का इलाका रहा जाम
कई जगह जाम से निकलने के लिए आपस में उलझे लोग
आरा : गरमी ऐसी मानो सूर्य आग उगल रही हो, नतीजा हर कोई बचने के लिए घर भागने की फिराक में लगा है. पारा 43 डिग्री पहुंचा चुका है. ऐसे में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर महाजाम लग गया. इससे जाम में फंसे लोग पसीने से तरबतर व सूख रहे होंठ से बिलबिला रहे थे. पूर्वी गुमटी से लेकर जीरो माइल तक और धोबी घटवा से लेकर कतिरा मोड़ तक लगे महाजाम से लोग कराह उठे. यह भयावह स्थिति सोमवार की है. महाजाम से मानो पूरा इलाका ठहर सा गया था. वहीं, इस महाजाम में फंसे छोटे-छोटे स्कूली बच्चे तो भूख व प्यास से रो पड़े. स्थिति ऐसी थी कि बूंद-बूंद पानी के लिए बच्चे तरस रहे थे. यह स्थिति घंटों चली.
कई लोग तो जाम से निकलने की जल्दी में आपस में ही उलझ गये और मारपीट पर उतारू हो गये. महाजाम को खत्म कराने में लगे पुलिस के जवान भी पसीने से लथपथ थे. हालत यह थी कि इस महाजाम में घंटों फंसे स्कूलों बसों में बैठे बच्चे व शादी कर लौट रहे दूल्हा-दुल्हन हाथों से रूमाल हिला कर चेहरे को हवा दे रहे थे. बस, ट्रक, ट्रैक्टर, जीप, कार टेंपो, रिक्शा, बाइक, ठेला आदि की लंबी कतारें हर जगह लगी हुई थीं. कड़ी व तीखी धूप में घंटों महाजाम में फंसे लोग कराहते रहे.
प्रतिदिन की नियति बन गयी है महाजाम की समस्या : पूर्वी रेलवे गुमटी से लेकर जीरो माइल तक और धोबी घटवा से लेकर कतिरा मोड़ तक लोगों को प्राय: हर दिन महाजाम की समस्या से गुजरना पड़ती है. लेकिन किसी-किसी दिन ऐसी स्थिति बन जाती है कि लगता है कि यह महाजाम कभी खत्म ही नहीं होगा. इसके कारण लगभग तीन से पांच किलोमीटर क्षेत्र का पूरा इलाका ठहर सा गया था. सोमवार को लगा महाजाम में आधा दर्जन से अधिक स्कूली बसें फंसी हुईं थीं, जिनमें बच्चे पानी के लिए तड़प रहे थे.
प्रतिदिन जाम से व्यवसाय पूरी तरह कुप्रभावित हैं. इससे उड़ने वाली धूल से दुकान भर जाता है. दिन भर साफ करनी पड़ती है. यहां यातायात पुलिस की व्यवस्था करनी अति आवश्यक है. मंगलवार को एक बजे से ही जाम लगा हुआ है. जाम कब खत्म होगा, यह कहना मुश्किल है. इसका समाधान बहुत जरूरी है.
धर्मेंद्र शर्मा, जीरो माइल, आरा
इस सड़क पर जाम की समस्या आम है. ऐसा कोई दिन नहीं है, जिस जाम नहीं लगता है. इसके कारण सड़क पर चलना मुश्किल होता है. आये दिन दुर्घटना होती रहती है. वाहन चालकों की मनमानी के कारण ही यह जाम लगता है.
अभय सिंह, एकता नगर
वाहन चालकों की मनमानी यहां खूब होती है. यातायात पुलिस नदारद रहती है. इसके कारण वाहन चालक जहां मरजी होती है, वहां अपने वाहन खड़ा कर देते हैं. वहीं, धूल से पूरी दुकान भर जाती है. इससे कई तरह की परेशानियां उत्पन्न होती हैं.
मनोज कुमार, अनाईठ
जाम के कारण मेरे दुकान पर ग्राहक नहीं आते हैं. जाम के कारण उड़ने वाली धूल के कारण काउंटर गंदा होता रहता है और बार-बार साफ करनी पड़ती है. इस समस्या से कब निजात मिलेगी, हम व्यवसायी इसको लेकर परेशान रहते हैं. यहां यातायात पुलिस की सख्त जरूरत है, जो अनियंत्रित वाहनों को व्यवस्थित करे.
रमेश शर्मा, बिहारी मिल
