आरा : केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना के तहत देश के चुनिंदे नगरों में आरा का भी शुमार हो चुका है. पर नगर के हालात, नगरवासियों के सोच तथा अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण स्मार्ट सिटी के लिए निर्धारित मानदंड पर लगातार ग्रहण की स्थिति बनी हुई है. स्वच्छता की स्थिति यह है कि सदर एसडीओ के आवास के पास खुले में मूत्रालय बना दिया गया है. इससे उनके आवास के सामने गंदगी फैलने से स्मार्ट सिटी की कल्पना धूमिल होते जा रही है.
स्मार्ट सिटी की टूट रहीं उम्मीदें
आरा : केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना के तहत देश के चुनिंदे नगरों में आरा का भी शुमार हो चुका है. पर नगर के हालात, नगरवासियों के सोच तथा अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण स्मार्ट सिटी के लिए निर्धारित मानदंड पर लगातार ग्रहण की स्थिति बनी हुई है. स्वच्छता की स्थिति यह है कि सदर […]

स्वच्छता के लिए जारी किया गया है स्वच्छता ऐप : नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए सरकार द्वारा स्वच्छता ऐप जारी किया गया है, ताकि नगरवासियों के बीच स्वच्छता को लेकर जागरूकता पैदा हो सके. इसके तहत लोगों को नगर में फैली गंदगी के बारे में जानकारी देनी है. इसके आधार पर अधिकारियों को उचित कार्रवाई करते हुए कचरे को साफ करने का प्रावधान किया गया है.
कैसे होगी सफाई : दूर की बात कौन कहे, एसडीओ के आवास के सामने लोगों द्वारा शौच करने से काफी गंदगी फैली रहती है एवं दुर्गंध निकलने से लोगों का आना-जाना दूभर रहता है. हालांकि एसडीओ प्रतिदिन कई बार इसी मार्ग से गुजरते हैं, पर इसका उनके ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है और नहीं इस पर कोई कार्रवाई की जाती है.
लोगों का सोच भी है बाधक
सरकार का प्रयास है कि आरा नगर को स्मार्ट सिटी बनाया जाये. इसके लिए लोगों का सहयोग भी बहुत जरूरी है. पर लोगों के सोच में परिवर्तन नहीं हो पा रहा है. इस कारण कहीं भी गंदगी फैलाने में कोई परेशानी नहीं हो रही है. वहीं नगर में कूड़े के लिए निगम द्वारा मुहल्लों में कई जगह कूड़ादान रखा गया है. पर आज भी लोग कूड़ादान में कूड़ा नहीं डाल कर बाहर फेंका जाता है. नगर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगरवासियों को भी सोच में परिवर्तन लाना होगा अन्यथा स्मार्ट सिटी का सपना, सपना ही बन कर रह जायेगा.