समस्या . स्मार्ट सिटी के भविष्य के सपनों को लग सकता है ग्रहण, मलबे से परेशान हैं लोग
आरा : नगर निगम द्वारा बड़े पैमाने पर नगर में नालों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गयी है, ताकि नगर को साफ-सुथरा व व्यवस्थित बनाया जा सके. वहीं नालियों में पानी जमाव की स्थिति से निबटने में सुविधा हो सके. पर नाला निर्माण के लिए निगम द्वारा जो मानक तय किये गये हैं. निर्माण की प्रक्रिया उसके अनुसार नहीं चल रही है. इससे स्मार्ट सिटी के भविष्य के सपनों को ग्रहण लग सकता है. स्थायी नाले के निर्माण ठीक से नहीं होने के कारण राशि तो खर्च हो जायेगी,
पर इसका समुचित लाभ नगरवासियों को नहीं मिल पायेगा. वहीं लोगों द्वारा अतिक्रमित जमीन को छोड़ कर निगम द्वारा बनाये जा रहे नाले के कारण सड़क की चौड़ाई भी काफी प्रभावित हो रही है. जो भविष्य के लिए समस्या ही बनेगी. वहीं नाला निर्माण की प्रक्रिया में निकाले गये मलवे को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया है. इससे यातायात काफी प्रभावित हो रहा है. जाम की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है.
चौड़ाई में भी की जा रही हेरफेर : नाला निर्माण में नाले की चौड़ाई तीन फुट रखना है, पर इसमें भी कमी की जा रही है. कहीं सवा दो फुट, तो कहीं ढाई फुट चौड़ाई रखी जा रही है. इससे पानी निकासी में काफी कठिनाई होगी.
नहीं हटाया जा रहा मलवा : नाला निर्माण की प्रक्रिया 20 दिन से अधिक समय से शुरू की गयी है. इस दौरान निकाले गये मलवे को नाले के बगल में सड़क पर ही छोड़ दिया गया है. इस कारण सड़क की चौड़ाई आधे से कम हो गयी है, जिससे यातायात काफी प्रभावित हो रही है. हमेशा जाम की स्थिति बनी रह रही है. इतना ही नहीं, पैदल यात्रियों को भी आने-जाने में काफी कठिनाई हो रही है.
इन जगहों पर हो रहा नाले का निर्माण : पकड़ी चौक वार्ड नंबर 14, सतीबाड़ा मोड़ पकड़ी वार्ड नंबर 15, जैन कॉलेज पूर्वी गेट, वलीगंज रामगढ़िया, मौलाबाग सहित कई वार्डों में नाले का निर्माण किया जा रहा है.
13 लाख की राशि से हो रहा निर्माण : पकड़ी सतीबाड़ा मोड़ से हो रहे नाले के निर्माण के लिए 13 लाख की राशि खर्च की जानी है. वहीं पकड़ी चौक से बन रहे नाले पर सात लाख की राशि खर्च की जानी है तथा इसे 150 मीटर लंबा निर्माण करना है.
राशि तो खर्च हो जायेगी, पर नागरिकों को नहीं मिलेगा सुविधा का लाभ
कम मात्रा में हो रहा कंक्रीट का इस्तेमाल
नाला निर्माण में तकनीकी दृष्टि से तय किये गये मानक का पालन नहीं किया जा रहा है. निर्माण के लिए सतह बनाने में ढलाई कम किया जा रहा है. वहीं सीमेंट, बालू एवं गिट्टी का अनुपात भी उचित मात्रा में उपयोग नहीं किया जा रहा है. एक फुट ढलाई के बदले मात्र चार इंच की ही ढलाई की जा रही है. वहीं सीमेंट, बालू एवं गिट्टी का अनुपात एक, दो व चार के बदले कम मात्रा के कंक्रीट की ढलाई की जा रही है. वहीं दीवार के लिए उपयोग किये जानेवाले अनुपात में भी काफी गड़बड़ी की जा रही है.
इससे टिकाऊपन पर सवाल उठ रहे हैं. नाले के बेस का निर्माण एवं दोनों किनारे दीवार के निर्माण के लिए आरसीसी में मानक का अनुपालन नहीं किया जा रहा है. स्टील भी उचित मात्रा में नहीं लगाया जा रहा है.
सड़क की चौड़ाई पर पड़ रहा असर
सरकारी जमीन की मापी कर नाला निर्माण न कराने के कारण सड़क की चौड़ाई पर असर पड़ रहा है. नगरवासियों द्वारा किये गये अतिक्रमण को नहीं पकड़ कर नाले के सुविधाजनक तरीके से सड़क की चौड़ाई कम करके ही नाले का निर्माण कराया जा रहा है. इससे नाला काफी टेढ़ा-मेढ़ा हो रहा है. इस कारण पानी के बहाव में समस्या उत्पन्न होगी.
क्या कहते हैं नगर आयुक्त
निर्माण की प्रक्रिया ठीक ढंग से की जा रही है. मलवा को जल्द ही हटा लिया जायेगा, ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो. मापी कराने में समय लगता. नाला निर्माण जरूरी था. इसे देखते हुए कार्य शुरू किया गया है.
