डर से घरों में दुबक गये लोग

दुस्साहस. फायरिंग से प्रकाशपुरी मुहल्ले में दहशत व्याप्त तीन दिन पहले मांगी थी रंगदारी आरा : फायरिंग के दौरान प्रकाशपुरी मुहल्ले के लोग इधर-उधर भागने लगे और घरों में जा दुबके. इस घटना से पूरे मुहल्ले में दहशत कायम हो गया है. घटना के बाद भी लोग घरों से निकलने से डर रहे थे. अपराधी […]

दुस्साहस. फायरिंग से प्रकाशपुरी मुहल्ले में दहशत व्याप्त

तीन दिन पहले मांगी थी रंगदारी
आरा : फायरिंग के दौरान प्रकाशपुरी मुहल्ले के लोग इधर-उधर भागने लगे और घरों में जा दुबके. इस घटना से पूरे मुहल्ले में दहशत कायम हो गया है. घटना के बाद भी लोग घरों से निकलने से डर रहे थे. अपराधी फायरिंग करने के साथ धमकी भी दे रहे थे. इस घटना के पीछे दो कारण सामने आ रहे हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिसके घर पर फायरिंग हुई है, उससे असामाजिक तत्व के लोगों ने पैसे की मांग की थी. साथ ही दुकान पर रखकर शराब बेचने और घर में शराब का स्टॉक रखने का दबाव भी बना रहे थे, जिसे नहीं मानने पर बुधवार को फायरिंग की गयी. पुलिस दोनों बिंदुओं पर जांच शुरू कर रही है. बताया जा रहा है कि आरोपितों द्वारा पूर्व में भी इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया था.
तीनों का रहा है लंबा आपराधिक इतिहास : इस घटना में शामिल धनजी यादव, मंटू कहार और विश्वजीत पासवान का पूर्व से अपराधिक इतिहास रहा है. वर्ष 2012 में शिवगंज स्थित एक पान दुकानदार की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. वर्ष 2015 में एसपी कार्यालय के पीछे कपड़ा व्यवसायी से दिनदहाड़े पांच लाख की लूट, मोती टोला में फायरिंग जैसे आधा दर्जन मामलों में ये लोग आरोपित हैं.
जाते-जाते अपराधियों ने दी धमकी
एक माह पहले जेल से छूट कर आये थे तीनों
हाल ही में फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. एक माह पहले तीनों जेल से छुट कर आये थे. हत्या, रंगदारी, लूट के मामलों में आरोपित हैं. मुहल्ले में कई लोगों के साथ मारपीट की घटना को भी अंजाम दे चुके हैं.
जविप्र दुकान में चल रहा था शराब का धंधा
पुलिस ने छापेमारी कर प्रकाशपुरी मुहल्ले में जविप्र दुकान चला रहा गुड्डू कहार के घर से चार पेटी शराब बरामद की. जब गुड्डू कहार के घर पुलिस पहुंची, तो चार पेटी शराब देख दंग रह गयी. इस मामले में गुड्डू कहार को भी अभियुक्त बनाया गया है.
ढूंढ़ती रही पुलिस, मुहल्ले में ही दुबके रहे तीनों
फायरिंग की घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी. अगल-बगल के ठीकानों पर छापेमारी चलती रही, पर तीनों पकड़ में नहीं आये. सूत्रों की मानें, तो पुलिस के डर से ये लोग प्रकाशपुरी मुहल्ले में ही किसी के घर में छिपे रहे.
10 दिन पहले हुई थी मारपीट
मुन्नी देवी ने बताया कि आरोपितों ने 10 दिन पहले हमारे बेटे सुशांत कुमार उर्फ टोनी के साथ मारपीट की थी. मेरे बेटे पर लगातार शराब बेचने के लिए दबाव बना रहे थे. तीन दिन पहले पैसे की मांग की गयी थी, जिसे नहीं देने पर बुधवार को मेरी दुकान पर आकर फायरिंग की तथा धमकी देकर गये कि तुम्हारे छोटे बेटे को मार देंगे.

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