आरा : नगर निगम द्वारा लगभग तीन घंटे चले मैराथन मंथन के बाद सर्वसम्मति से नगर के विकास के लिए तीन अरब, 39 करोड़, 93 लाख, 78 हजार का बजट पारित किया गया. बजट में राजस्व का प्रावधान किया गया है. निगम के आम बोर्ड की बैठक में बजट को लेकर काफी चर्चा की गयी. कई पार्षदों द्वारा नगर की समस्याओं को लेकर तथा बजट को लेकर कई तरह के सुझाव दिये गये, जिसे अन्यान्य के तौर पर स्वीकार कर लिया गया. बजट में संभावित खर्च के रूप में तीन अरब, 39 करोड़, 89 लाख, 20 हजार का प्रावधान किया गया है. इस तरह चार लाख, 58 हजार के राजस्व का बजट निगम द्वारा पारित किया गया.
बोर्ड द्वारा बजट के माध्यम से विकास का महत्वपूर्ण खाका खींचा गया. हालांकि कुछ पार्षदों द्वारा आपत्तियां उठायी गयीं और इस कारण थोड़ी देर के लिए अशांति पैदा हो गयी. बजट में मुख्यमंत्री के सात निश्चयों में से तीन निश्चयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि शहर को विकसित एवं साफ-सुथरा बनाया जा सके. बजट में स्मार्ट सिटी योजना को लक्ष्य कर प्राथमिकता के तौर पर कई तरह के प्रावधान किये गये.
बनाया गया है लाभ का बजट : नगर निगम के आम बोर्ड की बैठक में महापौर सुनील कुमार द्वारा पेश किये गये बजट में राजस्व का प्रावधान किया गया है. संभावित आय जहां तीन अरब, 39 करोड़, 93 लाख, 78 हजार रुपये का दिखाया गया है, वहीं संभावित व्यय के रूप में तीन अरब, 39 करोड़, 89 लाख, 20 हजार रुपये दिखाया गया है. इस तरह चार लाख, 58 हजार रुपये का राजस्व वाला बजट पारित किया गया.
कुछ पार्षदों ने जताया विरोध : पार्षद गोपाल प्रसाद एवं अमरेंद्र कुमार ने बजट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रावधान तो किया जाता है, पर राशि खर्च नहीं की जाती है. कई बार गोलमटोल बातें करके विकास में असहयोग किया जाता है.
वर्तमान पार्षदों के लिए अंतिम बजट
वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए निगम के आम बोर्ड द्वारा सोमवार को पारित बजट वर्तमान पार्षदों के लिए अंतिम बजट है. इसके बाद होने वाले चुनाव के बाद ही चुने गये पार्षदों द्वारा अगला बजट पारित किया जायेगा. इसको लेकर पार्षदों में काफी उत्साह था. मौके पर महापौर सुनील कुमार, उपमहापौर बसंत सिंह, नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, सिटी मैनेजर शेखर कुमार सहित सभी पार्षद उपस्थित थे.
आरा. आम बोर्ड की बैठक में महापौर द्वारा पेश किये गये बजट में मुख्यमंत्री के सात निश्चयों में से तीन निश्चयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका क्रियान्वयन नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जाता है. इसमें नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं, शहर की सभी नालियों एवं गलियों के पक्कीकरण पर विशेष जोर दिया गया है. हर घर नल का जल के तहत अमृत योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के प्रत्येक मकान में पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति का प्रावधान किया गया है. इसके तहत निगम के वार्डों को दो फेजों में बांटा गया है.
प्रथम फेज में 30 वार्डों का चयन पेयजल आपूर्ति के लिए बजट में किया गया है. वहीं, सबके लिए आवास योजना के तहत चौथी प्राथमिकता के रूप में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपये का अनुदान तथा छह लाख रुपये के ऋण पर ब्याज में सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही सफाई की व्यवस्था, विकास की व्यवस्था, ठोस व अवशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि क्रय करना, जीएसआइ मैपिंग के आधार पर होल्डिंग का निर्धारण, सभी आउट फॉल नालों का निर्माण एवं मुख्य नालों को भूमिगत नालों में परिवर्तन की व्यवस्था करने का प्रावधान किया गया है, जबकि बजट में वेडिंग जोन का निर्माण, रैन बसेरा का निर्माण, पार्क की व्यवस्था व स्लम क्षेत्रों पर 30 प्रतिशत व्यय करने का प्रावधान किया गया है.
