पुलिस चाह कर भी नहीं निबट रही जाम से
सासाराम नगर : शहर में अचानक लगभग एक लाख की आबादी बढ़ते ही यातायात की व्यवस्था चरमरा गयी है. मंगलवार से इंटर की परीक्षा शुरू हो गयी है. लगभग 43 हजार परीक्षार्थी शहर में आये हैं. परीक्षार्थियों से कहीं ज्यादा इनके अभिभावक आये हैं. इतनी बड़ी संख्या जब सुबह में सड़क पर निकल रही है, तो यातायात प्रभावित हो जा रहा है. चौक-चौराहों पर जाम लग जा रहा है. पुराने जीटी रोड सहित शहर के लगभग सड़कों की सूरत बदल जा रही है. वाहनों की लंबी कतारें लगने से परीक्षार्थी भी पूरी तरह फंस जा रहे हैं. बुधवार को बेदा नहर पुल पर जाम में फंसे परीक्षार्थी आधा घंटा देर से केंद्र पर पहुंच सके. इसी तरह जब परीक्षा खत्म हो रही है, तो केंद्र से लेकर मुख्य सड़क तक जाम लग जा रहा है. जाम से सभी परेशान हैं. पुलिस चाह कर भी जाम से निबट नहीं पा रही है.
वाहनों की संख्या भी बढ़ी : परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार ही वाहनों की संख्या भी बढ़ गयी है. लगभग लोग अपने अपने वाहनो से पहुंचे है तो कई वाहनों को रिर्जव कर आ रहे है. प्रशासन यातायात की समस्या से निबटने के लिए पहले से जो तैयारी किया था. वह काफी नहीं है. प्रशासन को भी उम्मीद नहीं था कि शहर में इतने लोग पहुंचेंगे. प्रशासन परीक्षार्थियों की संख्या को अाधार बना यातायात की व्यवस्था का रोड मैप बनाया था. उनको इतनी बड़ी संख्या में अभिभावक व वाहनों की संख्या का अंदाजा नहीं था. फिर भी स्थिति में सुधार होता दिख रहा है.
रोड़ा बन रहे ऑटोचालक : शहर में पुरानी जीटी रोड पर ऑटो चालक जाम का सबसे बड़ा कारण बनते जा रहे है. पुलिस कई बार इनके विरुद्ध सख्त कदम उठाती रही है. इसके बाद भी इनमें सुधार होता नहीं दिख रहा है. चौक-चौरहों पर बेतरतीब ढंग से ऑटो खड़ा करना कभी भी किसी लेन में घुस जाना. कहीं भी बीच सड़क पर एक सवारी को देखते अॉटो खड़ा करना इनकी नियति है. जैसे सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ती है. ऑटो चालक आगे निकलने की होड़ में साइड का परवाह किये बिना गलत लेन में घुस जाते हैं. जिससे सड़क पूरी तरह जाम हो जाता है. लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. मंगलवार से शुरू परीक्षा में पहुंचे परीक्षार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है.
सुबह से ही बदल जाती है जीटी रोड की सूरत
लोग बढ़े हैं, तो थोड़ी परेशानी बढ़ेगी ही
शहर में जाम की अब कोई समस्या नहीं रह गया है.फुटपाथी दुकानदारों के कारण सड़क पर जाम लगता था. उन्हें दूसरे जगह स्थापित कर दिया गया. परीक्षा के कारण शहर में आबादी बढ़ी है. थोड़ी बहुत परेशानी तो होगी ही. फिर भी चौक-चौराहों पर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गयी है. ऑटो चालकों पर पुलिस व प्रशासन की नजर है. परीक्षा संपन्न होने के बाद इनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी.
अमरेंद्र कुमार, एसडीओ
बोले जाम में फंसे परीक्षार्थी
10 मिनट की दूरी तय करने में एक से डेढ़ घंटे लग जा रहा है. घर से निकल परीक्षा केंद्र पहुंचने तक डर लगा रहता है कि समय पर पहुंचेंगे या नहीं. शोभायात्रा के कारण लगभग एक घंटे तक तकिया ओवरब्रिज पर जाम में फंस गये. प्रशासन परीक्षार्थियों को हो रही परेशानी पर ध्यान दें.
सिम्पी कुमारी, परीक्षार्थी, नवरतन बाजार
गुरुवार को 20 मिनट विलंब से अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंची. डेढ़ घंटे तक जाम में अपने भाई के साथ बाइक पर फंसी रही. बहुत परेशानी हुई. किसी तरह मेरे भैया लोगों से अनुरोध करते रास्ता बनाते परीक्षा केंद्र तक पहुंचाये. फिर भी काफी देर हो गया. प्लीज सर इस पर ध्यान दें.
खुशबू कुमारी, परीक्षार्थी, कोठा ओली
सासाराम में जाम लगता है. यह मैं सुन रखा था. सोमवार को परीक्षा देने के लिए यहां आया मंगलवार को समय से एक घंटा पहले निकला गौरक्षणी से अड्डा रोड शेरशाह इंटर स्तरीय विद्यालय पहुंचने में एक घंटा लग गया. पोस्ट ऑफिस चौक से ले कर ओवरब्रिज तक पैदल चलना मुश्किल था.
विकास कुमार, परीक्षार्थी, कोचस
तीन दिन से जो मैं देख रहा हूं. इससे यही लगा कि सासाराम शहर में जाम लगने का सबसे बड़ा कारण ऑटो चालक हैं. ये ट्रैफिक नियम से नहीं बल्कि अपनी मरजी से चलते हैं. प्रशासन इन पर अंकुश लगाये. जाम की समस्या स्वतः खत्म हो जायेगी. कभी-कभी खास समय पर जाम लगना कोई समस्या नहीं है.
संतोष कुमार, परीक्षार्थी, नीमा
