कार्यक्रम. शाहाबाद स्तरीय कार्यकर्ता कन्वेंशन में बरसे दीपंकर
आरा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे दिन की तरह नीतीश कुमार ने भी सामाजिक न्याय को जुमला बना दिया है. नीतीश कुमार लाठी-डंडे के बल पर मानव शृंखला का निर्माण करवा रहे हैं.
आगामी 19 फरवरी को पटना में माले द्वारा अधिकार रैली की जायेगी. इस रैली से प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों का भ्रम टूट जायेगा. उक्त बातें माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने शाहाबाद जोन के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि अगला विधानसभा चुनाव भाजपा के विरुद्ध जनमत संग्रह साबित होगा. नोटबंदी कर प्रधानमंत्री ने काले धन पर रोक लगाने के बजाय गरीबों के पेट पर लात मारने का काम किया है. नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था में मंदी आ गयी. यह नोटबंदी नहीं, कामबंदी है. उन्होंने कहा कि बिहार से बाहर कमाने गये मजदूर वापस घर आ गये, लेकिन नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की तारीफ करनेवाले नीतीश कुमार को उनके रोजगार की चिंता नहीं है. वह तो लाठी-डंडे के बल पर मानव शृंखला बनवाने में लगे हैं.
दोनों सरकारों ने जनता के साथ विश्वासघात किया है. वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में आयोजित सम्मेलन में श्री भट्टाचार्य ने कहा कि बड़ी राजनीतिक पार्टियां करोड़ों रुपये पूंजीपतियों से चंदे के नाम पर लेती है, पर उसका हिसाब देने को तैयार नहीं है. नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए महासचिव ने कहा कि डीका कुमारी के साथ दुष्कर्म करने तथा उसके बाद उसकी हत्या करने के मामले में नीतीश अभी तक चुप हैं. मौके पर राज्य सचिव कुणाल, मनोहर, विधायक सुदामा प्रसाद, संजय, अरुण सिंह, मुन्ना राम, विजय यादव, जवाहर सिंह यादव, वीरेंद्र सिंह, चंद्रदीप सिंह, राजू यादव, अजीत कुशवाहा, क्यामुद्दीन आदि मौजूद थे. संचालन जवाहर लाल सिंह ने किया.
