आक्रोश. एकवारी गांव में धान के बोझे जलने पर किसानों ने किया हंगामा
जिले में विभिन्न मामलों को लेकर तीन जगहों पर सड़क जाम किया गया. इसकी वजह से आवागमन प्रभावित रहा. सबसे ज्यादा परेशानी आरा-सहार मार्ग पर हुई. इस मार्ग पर दो जगहों पर लोगों ने सड़क जाम कर रखा. एक जगह धान के बोझे जलने पर तो दूसरी जगह डीलर की मनमानी का मामले में लोगों ने आक्रोश जताया. वहीं जगदीशपुर में बच्चे के घायल होने के बाद लोगों ने मुआवजे के लिए हाइवे को जाम कर दिया था.
सहार : थाना क्षेत्र के एकवारी गांव में धान का बोझा जलने से नाराज किसानों ने शनिवार को हंगामा कर दिया. किसान सड़क पर उतर गये और नारेबाजी करने लगे. आरा-सासाराम मार्ग को एकवारी गांव के समीप ग्रामीणों ने जाम कर दिया, जिस कारण आवागमन ठप हो गया. ग्रामीणों का आरोप था कि असामाजिक तत्वों द्वारा धान के बोझे में आग लगा दी गयी है. सड़क जाम की वजह से लगभग दो घंटे तक आवागमन ठप रहा. अंचलाधिकारी संजीव कुमार राय व थानाध्यक्ष बीके ब्रजेश दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा कर हंगामा शांत कराया.
प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन प्रशासन की ओर से दिया गया. सड़क जाम का नेतृत्व पूर्व जीप सदस्य मीना कुमारी एवं पंचायत के मुखिया नथुनी सिंह ने किया. सड़क जाम के दौरान घन श्याम राय, अशोक कुमार, कौशल कुमार, प्रमोद यादव, राम कुमार यादव, शिव कुमार यादव, सोनू सिंह, राज नंदन यादव सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासन के
खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसानों को उचित मुआवजा मुहैया कराने की मांग की.
दो किसानों के आठ बीघे की फसल हुई राख : ग्रामीणों के अनुसार एकवारी निवासी विदानंद यादव के पुत्र देवकुमार यादव के चार बिगहा एवं आशा कुंअर की चार बिगहा की फसल एकवारी सड़क के किनारे रखी हुई थी. जिसमें असामाजिक तत्वों ने रात्रि में आग लगा दिया गया. ग्रामीणों ने बताया कि धान की फसल जल जाने के कारण दोनों किसानों के समक्ष गंभीर समस्या पैदा हो गयी है.
मानक के अनुसार दिया
जायेगा मुआवजा : अंचलाधिकारी संजीव कुमार राय ने कहा कि एक हेक्टेयर पर सरकार के द्वारा 13500 रुपये का मानक तय है. बहुत
जल्द ही इसका आकलन कर
रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दिया जायेगा. आदेश मिलते ही पीड़ित किसानों को मुआवजा मुहैया
करा दिया जायेगा.
प्रशासन के आश्वासन पर माने किसान
असामाजिक तत्वों ने बीती रात धान के बोझे में लगा दी थी आग
