दुखद. गांव के बाहर काफी नीचे लटका हुआ था 11 हजार का तार
उग्र लोगों ने आरा-बक्सर हाइवे को पांच घंटे रखा जाम
बिजली कंपनी के खिलाफ की गयी नारेबाजी
आरा/उदवंतनगर : उदवंतनगर थाने के बड़कागांव में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार में एक युवक सट गया, जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. मौत के बाद गुस्साये लोगों ने आरा-बक्सर हाइवे को जाम कर दिया. लगभग पांच घंटे तक लोगों ने सड़क जाम रखा. इसकी वजह से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी. मृतक बड़कागांव निवासी निर्मल यादव का पुत्र 25 वर्षीय रमेश कुमार सिंह बताया जा रहा है. मृतक के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं.
बीडीओ और पुलिस की टीम की काफी मशक्कत के बाद लोग माने, तब जाकर सड़क जाम हटा. इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. जानकारी के अनुसार, बड़कागांव निवासी रमेश कुमार सुबह अपने घर से निकला था. इसी क्रम में गांव के बाहर गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आ गया और मौके पर उसकी मौत हो गयी. यह हादसा देखते ही गांव के लोग जुट गये और शव के साथ सड़क पर उतर गये. देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुट गये थे.
सड़क जाम के कारण हाइवे पर वाहनों की कतार लग गयी थी. लगभग पांच घंटे तक लगे जाम में कई स्कूली बसें फंसी हुई थीं. सड़क जाम कर रहे लोग मुआवजा देने व बिजली विभाग के अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे. मुआवजा का आश्वासन व अधिकारियों के समझाने पर लोग माने, तब जाकर जाम हटा.
आरा-बक्सर हाइवे को जाम किये लोग.
गांव-घर में पसरा मातम, नहीं जले चुल्हे
मौत की सूचना पर पूरे गांव व घर में कोहराम मच गया. घर के महिला-पुरुष सदस्यों के साथ गांव के लोग भी बदहवास घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े, जबकि मृतक की मां सुध-बूध खो वहीं पर गिर पड़ी. पूरा माहौल गमगीन हो गया था. गांव के कई घरों में घटना के बाद चूल्हे तक नहीं जले.
भूख से बिलख रहे थे जाम में फंसे सैकड़ों स्कूली बच्चे
जाम में फंसे सैकड़ों स्कूली बच्चे भूख से बिलख रहे थे. वहीं, माता-पिता अपने बच्चों की वापसी को लेकर चिंतित दिख रही थीं. बच्चे बसचालक व कंडक्टर अंकल से फोन लेकर अपने घर बात कर जाम में फंसे होने की सूचना दे रहे थे. आठवीं कक्षा की अपूर्वा ने मोबाइल फोन पर पिता से कहा, पापा कितना देर रहेगा जाम?
वहीं, पांचवीं कक्षा की अतीक्षा बहुत परेशान थी, फोन लगाकर अपने पापा से बोली, मुझे नहीं पढ़ना है इस स्कूल में. सिद्धार्थ जो कि छठी कक्षा का छात्र है. वह अपने पिता शैलेंद्र सिंह से बोला, पापा रास्ता है, मोटरसाइकिल लेकर आइये. ऐसे दर्जनों बच्चे थे, जो आरा-बक्सर मुख्य मार्ग स्थित कई स्कूलों में पढ़ रहे थे, जो छुट्टी के बाद जाम में फंसे हुए थे.
